वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी में 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इसको लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार खेलों और खिलाड़ियों को हर स्तर पर बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। 11 जनवरी तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में कई राज्यों और संस्थानों का प्रतिनिधित्व करने वाली 58 टीमों के खिलाड़ी हिस्सा लेने वाले हैं।
नरेंद्र मोदी ने हर हर महादेव से अपने भाषण की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, यूपी सरकार में मंत्री रविंद्र जायसवाल, दयाशंकर, गिरीश यादव, वाराणसी के मेयर अशोक तिवारी समेत अन्य जनप्रतिनिधिगण, वॉलीबॉल एसोसिएशन के अधिकारीगण, देशभर से आए सभी खिलाड़ी काशी के मेरे परिवारजनों को नमस्कार किया।
मोदी ने काशी सांसद के नाते सभी का स्वागत किया
मोदी ने कहा कि आज काशी सांसद के नाते आप सभी खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है। आज से काशी में नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ हो रहा है। आप सभी खिलाड़ी कड़ी मेहनत के बाद इस टूर्नामेंट तक पहुंचे हैं। आपने जो मेहनत की है, आने वाले दिनों में काशी के मैदान पर उसकी परीक्षा होगी। वैसे मुझे बताया गया है कि देश के 28 राज्यों की टीमें यहां जुटी हैं। आप सब एक भारत श्रेष्ठ भारत की बहुत सुंदर तस्वीर प्रस्तुत कर रहे हैं। मैं चैंपियनशिप में भाग ले रहे सभी खिलाड़ियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं।
बनारसी कहावत का जिक्र
साथियों हमारे यहां बनारसी में कहा जाता है… बनारस के जानल चाहत होवे तो बनारस आवै का पड़ी, तो आप लोग बनारस आ गए हैं और बनारस जान भी जाएंगे। हमारा बनारस खेल प्रेमियों का शहर है। कुश्ती, कुश्ती के अखाड़े, मुक्केबाजी, कबड्डी ऐसे कई खेले यहां बहुत मशहूर हैं। बनारस में कई खेलों के नेशनल खिलाड़ी दिए हैं। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, यूपी कॉलेज, काशी विद्यापीठ शिक्षण संस्थानों के खिलाड़ी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर छाए रहते हैं और काशी तो हजारों वर्षों से उन सबका सत्कार करती आई है, जो ज्ञान और कला के लिए यहां जाते हैं, इसलिए मुझे विश्वास है कि नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के दौरान बनारस का जोश हाई रहेगा। आप सभी खिलाड़ियों के लिए उत्साह बढ़ाने वाले दर्शक मिलेंगे और काशी की आतिथ्य परंपरा को जीने का अवसर भी मिलेगा।
वॉलीबॉल के हर खिलाड़ी का मंत्र होता है, टीम फर्स्ट
आगे मोदी ने कहा कि साथियों वॉलीबॉल एक साधारण स्पोर्ट्स नहीं है। नेट के इस पार और उस पार दोनों तरफ यह संतुलन का खेल हैं। यह सहयोग का खेल और इस खेल में संकल्प शक्ति भी दिखती है, यानी बाल को हर कीमत पर ऊपर ही उठाना है। वॉलीबॉल हमें टीम स्पिरिट से जोड़ती है। वॉलीबॉल के हर खिलाड़ी का मंत्र होता है, टीम फर्स्ट, भले ही हर कोई अलग-अलग स्किल का हो, लेकिन सभी प्लेयर्स अपनी टीम की जीत के लिए खेलते हैं।
वॉलीबॉल हमें कोऑर्डिनेशन सिखाती है- मोदी
मैं तो भारत की डेवलपमेंट स्टोरी और वॉलीबॉल टीम में बहुत से बातें कॉमन देखता हूं। वॉलीबॉल हमें सिखाती है कि कोई भी जीत अकेले नहीं होती है। हमारी जीत, हमारा कोऑर्डिनेशन और हमारा विश्वास, हमारी टीम की तत्परता पर निर्भर होती है। हर किसी की अपनी भूमिका है और अपनी जिम्मेदारी है। हम तभी सफल होते हैं, जब हर कोई अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाता है। हमारा देश भी इसी तरह आगे बढ़ रहा है।
डिजिटल पेमेंट और विकसित भारत का जिक्र
मोदी ने कहा कि स्वच्छता से डिजिटल पेमेंट तक और एक पेड़ मां के नाम से लेकर विकसित भारत के अभियान तक हम इसलिए प्रगति कर रहे हैं, क्योंकि सभी, हरेक वर्ग, हरेक प्रांत इंडिया फर्स्ट की भावना से देश के लिए काम कर रहा है।
Gen Z को तिरंगा फहराते देख खुशी होती है- मोदी
साथियों आजकल दुनिया में भारत की ग्रोथ की, हमारी इकोनॉमी की भूरी-भूरी प्रशंसा हो रही है, लेकिन जब देश विकास करता है, तो प्रगति सिर्फ आर्थिक मोर्चे तक सीमित नहीं रहती है, ये आत्मविश्वास खेल के मैदान पर दिखता है, यही हम बीते कुछ सालों में हर स्पोर्ट्स में देख रहे हैं। साल 2014 के बाद से हरेक खेल में भारत का प्रदर्शन बेहतर हो रहा है। हमें बहुत गर्व होता है, जब जेन-जी (Gen Z) को खेल के मैदान पर तिरंगा फहराते देखते हैं।
पहले खिलाड़ी स्पोर्ट्स को करियर के रूप में नहीं अपनाते थे-पीएम
पीएम ने कहा कि साथियों एक समय था कि जब खेलों के लेकर सरकार और समाज दोनों में उदासीनता का भाव था, इसलिए खिलाड़ियों में अपने भविष्य को लेकर आशंका रहती थी। बहुत कम युवा स्पोर्ट्स को करियर के रूप में अपनाते थे, लेकिन बीत दिनों सरकार और समाज दोनों की सोच में बदलाव दिख रहा है। सरकार ने स्पोर्ट्स का बजट काफी ज्यादा बढ़ा दिया है।


