दिवाली पर क्यों रहना पड़ता था भूखा… प्रेमानंद महाराज ने सुनाया हैरान करने वालाा किस्सा

Sanchar Now
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मथुराउत्तर प्रदेश के वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज का एक वीडियो इस समय सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें वे दिवाली पर्व को लेकर चर्चा करते दिख रहे हैं। प्रेमानंद महाराज अपनी दीपावली के किस्से को सुनाते दिख रहे हैं। वे कहते दिख रहे हैं कि हमलोगों ने आंसूओं से अपनी दिवाली मनाई है। हमें इस दिन भूखे रहने पड़ता था। दरअसल, प्रेमानंद महाराज के प्रवचन का वीडियो श्री राधा केली कुंज आश्रम के चैनल भजन मार्ग पर शेयर किया गया है। इसमें वे पुराने समय में दिवाली के दिन की चर्चा करते दिख रहे हैं।

क्या कहते हैं संत?

संत प्रेमानंद महाराज वीडियो में कहते नजर आ रहे हैं कि दीपावली का उत्सव देख रहे हो। हमारी दीपावली कैसी होती है, जानते हैं भूखी। रोटी मांगने जाते थे तो मना हो जाता। रोटी आज मिलेगी ही नहीं। रोटी आज बनी ही नहीं, त्योहार है। एक टाइम दिन में जाना होता था भिक्षाटन के लिए।

प्रेमानंद महाराज ने कहा कि शाम के समय सबकी दिवाली जल रही है। हम अंधेरे में बैठे हैं। न एक पैसा है…न एक व्यक्ति है। न खाने को है। आंसूओं के साथ दिवाली मन रही है। अपने श्रीजी को गोद में लेकर…. हम कहते ये आंसू हीं आपकी दीपावली है।

प्रेमानंद महाराज कहते दिखते हैं कि बिना प्रयास के वो दीपक, वो बाती, वो आरती, वो दीपावली होती थी, जो आचार्य चरण कहते हैं। भक्ति कर दीप, प्रेम करि बाती, साधु संगति करि अनु दिन-राती।

भारी संख्या में पहुंच रहे लोग

संत प्रेमानंद महाराज के साथ अब दीपावली मनाने के लिए हजारों लोग पहुंच रहे हैं। रविवार रात को भी बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ श्री राधा केली कुंज आश्रम के बाहर जमा हुआ। संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन और प्रवचन सुनने के लिए लोगों की बड़ी संख्या पहुंच रही है। उनके प्रवचनों को लोग जीवन में उतारने का प्रयास करते हैं। अब उन्होंने दीपावली मनाए जाने के अलग तरीके का वर्णन किया है।

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