Bakrid पर कुर्बानी.. लेकिन ध्यान रहे! सीएम योगी का सख्त निर्देश, जान लीजिए गाइडलाइन

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देश-दुनिया में 29 जून को मुस्लिमों का बकरीद का त्योहार आज मनाया जाएगा. इसके लिए सभी जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं. यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ईद और कांवड़ की तैयारियों को लेकर अफसरों के साथ बैठक की और कई सख्त आदेश जारी किए. उन्होंने निर्देश दिया कि बकरीद पर कुर्बानी के लिए स्थान का चिह्नांकन पहले से होना चाहिए. विवादित जगहों पर किसी भी हाल में कुर्बानी नहीं दी जानी चाहिए. पूर्व में तय और चिन्हित स्थानों के अलावा कहीं और कुर्बानी नहीं होनी चाहिए.

‘कहीं भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी न हो’

उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि प्रत्येक दशा में यह सुनिश्चित करें कि प्रदेश में कहीं भी प्रतिबंधित पशु (Bakrid 2023) की कुर्बानी न हो. हर जिले में कुर्बानी के बाद जानवर के बचे अवशेषों के व्यवस्थित निस्तारण की कार्ययोजना होनी चाहिए यह बीमारी का कारक बन सकता है. सीएम योगी ने कहा कि पिछले दिनों रमजान माह और ईद के अवसर पर धार्मिक कार्यों से यातायात प्रभावित नहीं हुआ. इस प्रयास की पूरे देश में सराहना हुई है. इस बार बकरीद और मुहर्रम के मौके पर भी यूपी में ऐसी ही व्यवस्था लागू रखनी होगी. इसके लिए स्थानीय प्रशासन के अधिकारी संबंधित धर्मगुरुओं से पहले ही संवाद कर लें.

‘प्रशासन को रहना होगा सतर्क’

उन्होंने (Yogi Adityanath) कहा कि पर्व-त्योहारों में प्रशासन की ओर से आम जन को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं. लोगों की धार्मिक परंपरा को सम्मान दें, लेकिन परंपरा के नाम पर कोई गलत काम नहीं होना चाहिए. आयोजकों को कार्यक्रम की अनुमति दें लेकिन यह सुनिश्चित कर लें कि सरकारी नियम-कायदों का पालन हो. उन्होंने कहा कि 4 जुलाई से पवित्र श्रावण मास का प्रारंभ हो रहा है. इस साल अधिमास के कारण श्रावण मास दो माह की अवधि का हो रहा है. इस अवधि में श्रावणी शिवरात्रि, नागपंचमी और रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा. श्रावण मास में परंपरागत कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2023) भी निकलेगी, जिसमें पहले सोमवार पूजन का भी विशेष महत्व है.  कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत यह समय संवेदनशील है. इसलिए प्रशासन को सतर्क रहना होगा.

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‘कांवड़ शिविर कर लिए जाएं चिह्नित’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने कहा कि कांवड़ शिविर (Kanwar Yatra 2023) लगाए जाने के स्थान पहले से चिह्नित कर लिए जाएं, ताकि आवागमन बाधित न हो. कांवड़ यात्रा मार्ग पर कहीं भी खुले में मांस आदि का खरीद-बिक्री न हो. ग्रामीण हो या कि शहरी क्षेत्र, पर्व-त्योहारों पर बिजली आपूर्ति के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं. कांवड़ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के बेहतर प्रबंध किए जाएं. गंग नहर पर गोताखोरों की तैनाती की जाए और कावंड़ यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी लगाए जाएं. कावंड़ यात्रा में डीजे, गीत-संगीत आदि की आवाज निर्धारित मानकों के अनुरूप ही हो.

‘धार्मिक जुलूसों पर रखी जाए नजर’

उन्होंने (Yogi Adityanath) निर्देश दिया कि धार्मिक जुलूसों में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिए. ऐसी कोई घटना न हो, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत हो. शरारती तत्व दूसरे सम्प्रदाय के लोगों को अनावश्यक उत्तेजित करने की कुत्सित कोशिश कर सकते हैं, ऐसे मामलों पर नजर रखें. संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाए. हर दिन सायंकाल पुलिस बल फुट पेट्रोलिंग जरूर करे. पीआरवी 112 एक्टिव रहे. अराजक तत्वों के साथ पूरी कठोरता से निपटा जाए.

‘अवैध धर्मांतरण पर की जाए कार्रवाई’

अवैध धर्मांतरण को बड़ी चिंता का विषय बताते हुए सीएम योगी (Yogi Adityanath) ने कहा कि हाल के समय में देश के कई हिस्सों में अवैध धर्मांतरण की घटनाएं प्रकाश में आई हैं.गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग/चैटिंग एप के माध्यम से किशोर बच्चों के धर्मांतरण की घटना से सब परिचित हैं. एक स्थान पर मूक-बघिर बच्चे को अवैध धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया गया. सूचना मिलते ही तत्काल कार्यवाही हुई और एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हो सका. ऐसी एंटी सोशल और एंटी नेशनल घटनाओं को समय रहते नियंत्रित किया जाना बहुत आवश्यक है. आज की एक छोटी सी लापरवाही भविष्य के लिए बड़ा कैंसर बन सकती है.

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‘दिव्यांग-युवाओं पर सिंडिकेट की नजर’

उन्होंने (Yogi Adityanath) कहा कि अवैध धर्मांतरण की कार्रवाई एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की ओर से किए जाने की पुष्टि हो रही है. खास बात ये है कि सिंडिकेट की ओर से पूर्व में धर्मांतरित व्यक्तियों को प्रशिक्षित करके उनके जरिए अवैध धर्मांतरण का काम श्रृंखलाबद्ध तरीके से कराया जा रहा है. दिव्यांग बच्चे, नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं पर इस सिंडिकेट की विशेष नजर रहती है. उन्हें आर्थिक प्रलोभन दिया जाता है. अवैध धर्मांतरण के इस पूरे सिंडिकेट का सफाया किया जाना जरूरी है. इसलिए सभी जिलों में इससे जुड़ी हर छोटी से छोटी सूचना को पूरी गंभीरता से लिया जाए. प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून लागू है, लिहाजा ऐसी हर गतिविधि के खिलाफ तत्परता से कार्रवाई की जाए.

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