आगरा में ढाई लाख की फिरौती के लिए सराफा व्यापारी के बेटे का अपहरण, आठ घंटे बाद मिला

Sanchar Now
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यूपी के आगरा के गढ़ी चांदनी से दोपहर में अपहृत सराफ का चार का बेटा सात घंटे बाद पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया। बदमाश उसे घर के पास स्थित गली में छोड़कर भाग गए थे। बारीकी से छानबीन में चाचा ही वारदात का मास्टरमाइंड निकला है। उसने ही साथियों संग बच्चे का अपहरण किया था। वो फरार है, लेकिन उसके एक साथी को पुलिस ने पकड़ लिया है। अन्य की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

घटना दोपहर 1 बजे की है। सुशीलनगर निवासी सोनू वर्मा की प्रकाश नगर में राधे-राधे ज्वेलर्स के नाम से सोने-चांदी के जेवरात की दुकान है। वह डेढ़ साल पहले परिवार सहित यहां रहने आया था। घर में सोनू, उसकी पत्नी कामिनी और चार साल का बेटे जयकुमार रहते हैं। जबकि मां पदमा देवी और पिता निहाल सिंह घर से 100 मीटर दूर दूसरे मकान में रहते हैं। पिता के साथ मकान में सोनू का छोटा भाई गगन भी रहता है। मां कामिनी ने बताया कि बेटा घर से दादी के यहां जाने के लिए निकला था। मगर वहां नहीं पहुंचा। कुछ देर बाद बात हुई तो इसका पता चला। सभी जय की तलाश में लग गए। कालोनी के लोग तलाश करने लगे।

शाम करीब 4 वजे सोनू के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल आई। इसमें बच्चे की सकुशली के लिए 2 लाख रुपये फिरौती की मांग की गई। रुपये न देने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी। इस पर बच्चे के दादा निहाल सिंह थाने पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को तहरीर दी। जानकारी मिलते ही डीसीपी सिटी सोनम कुमार और एसीपी छत्ता पीयूष कांत राय पहुंच गए। जांच में छह टीमें लगाई गई। जिस नंबर से व्हाट्सएप कॉल आई उसे ट्रेस कराया गया। लोकेशन आसपास की ही थी। कड़ी नाकेबंदी की वजह से रात करीब आठ बजे बदमाश नाटकीय अंदाज में बच्चे को घर के पास ही गली में छोड़ कर भाग गए। पुलिस ने बच्चे को मां बाप के सुपुर्द कर दिया। बच्चे को सकुशल देख खुशी के आंसू छलक उठे।

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सीसीटीवी से मिला सुराग

पुलिस को क्षेत्र में लगे कैमरों से सुराग मिला। इस पर हाथ पकड़कर एक युवक बच्चे को लेकर जाता नजर आया। वाद में अपहरणकर्ता की पहचान गगन के रूप में हुई। वह सोनू का छोटा भाई है। इस पर पुलिस उसकी तलाश में जुट गई। पुलिस का मानना है कि पुलिस की घेराबंदी की वजह से अपहरणकर्ता उसे छोड़कर चले गए हैं।

बहाने से हाथ पकड़कर ले गया

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि बच्चे का अपहरण उसके चाचा गगन ने ही किया था। इसमें उसके तीन साथी शब्बीर, ववलू और अल्लू शामिल थे। भतीजा, दादी के घर जा रहा था। तभी चाचा आ गया और भतीजे को बहाने से हाथ पकड़कर साथ ले गया। बाद में उसके साथी बच्चे को ले गए थे। पहचान होने पर तलाश की जा रही है।

सही नहीं चाल-चलन

पुलिस ने बताया कि गगन की संगत ठीक नहीं है। वह वर्ष 2019 में जेल भेजा गया था। वो कोई काम नहीं करता। घर में ही चोरी करता है। परिजनों से पूछताछ में पता चला कि उसने हाल ही में अपने भाई का मोबाइल चुरा लिया था। इस पर परिवार में झगड़ा भी हुआ था। आए दिन रुपयों की मांग करता है। इससे सभी लोग परेशान हैं। अब उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई थी।

जल्द गिरफ्तारी के प्रयास

सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की आधा दर्जन टीमें लगी हैं। आशंका है कि सभी आरोपी क्षेत्र के ही रहने वाले हैं। पुलिस मामले सुराग मिला है। बदमाशों को पुलिस कार्रवाई के बारे पता चल गया था। इसलिए उसे कहीं और दूर ले जाने से पहले ही छोड़कर चले गए।

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