मेरठ स्थित मेजर ध्यानचंद राज्स खेल विश्वविद्यालय के विकास को नई गति मिलने जा रही है। पहले चरण में विश्वविद्यालय के लिए 90 एकड़ भूमि निर्धारित की गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हालिया निरीक्षण के बाद 10 एकड़ अतिरिक्त जमीन देने की घोषणा की है। इस अतिरिक्त भूमि पर आधुनिक खेल सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण वातावरण उपलब्ध हो सके।
15 खेलों से होगी विश्वविद्यालय की शुरुआत
खेल विश्वविद्यालय की शुरुआत कुल 15 खेलों के साथ की जाएगी। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी ओलंपिक खेलों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रारंभिक चरण में एथलेटिक्स के लिए सिंथेटिक ट्रैक, हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ, फुटबॉल मैदान, लॉन टेनिस, कुश्ती, भारोत्तोलन, टेबल टेनिस, वुशू, ताइक्वांडो, बैडमिंटन और स्विमिंग जैसी खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
आठ नए खेलों को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में आठ अतिरिक्त खेलों को शामिल करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इनमें बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, तीरंदाजी, निशानेबाजी, कबड्डी और घुड़सवारी जैसे खेल शामिल हैं। इन खेलों से जुड़ी उन्नत सुविधाएं अतिरिक्त आवंटित भूमि पर विकसित की जाएंगी, जिससे विश्वविद्यालय का खेल दायरा और व्यापक हो सकेगा।
हाई परफॉर्मेंस सेंटर बनेगा विशेष आकर्षण
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेल विश्वविद्यालय में एक अत्याधुनिक हाई परफॉर्मेंस सेंटर की स्थापना की जाएगी। इस केंद्र में बायोमैकेनिक्स, स्पोर्ट्स फिजियोलॉजी, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग, फिजियोथेरेपी एवं रिहैबिलिटेशन, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशन, पैरा एथलीट परफॉर्मेंस सेंटर तथा एथलीट मैनेजमेंट और डाटा कंपाइलेशन जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।
विश्वस्तरीय सुविधाओं के लिए भारी बजट स्वीकृत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जानकारी दी कि खेल विश्वविद्यालय के पहले चरण के लिए 250 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की गई है। वहीं दूसरे चरण के विकास कार्यों के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की जा चुकी है। सरकार का उद्देश्य विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय खेल शिक्षा और प्रशिक्षण का केंद्र बनाना है।
दूसरे सत्र से अपने परिसर में संचालन
विश्वविद्यालय का दूसरा शैक्षणिक सत्र अब अपने स्थायी परिसर से संचालित किया जाएगा। कुलपति मेजर जनरल दीप अहलावत के अनुसार परिसर में चार कॉलेज और 16 विभाग स्थापित किए जाएंगे। इन कॉलेजों में कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन, कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स साइंसेज, कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी तथा कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स कोचिंग शामिल होंगे।
क्षमता विस्तार की चरणबद्ध योजना
दूसरे शैक्षणिक सत्र की शुरुआत कम से कम 50 प्रतिशत क्षमता के साथ करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद अगले वर्ष 75 प्रतिशत और तीन वर्षों के भीतर विश्वविद्यालय को 100 प्रतिशत क्षमता पर संचालित करने की योजना बनाई गई है।
हर जिले और मंडल में खेल ढांचे का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के खेलो इंडिया और फिट इंडिया अभियान के साथ-साथ प्रदेश सरकार विधायक खेलकूद प्रतियोगिताओं और ग्रामीण लीग के माध्यम से खेल संस्कृति को और मजबूत कर रही है। राज्य में हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, ब्लॉक स्तर पर मिनी स्पोर्ट्स स्टेडियम और जिला स्तर पर पूर्ण स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। खेल विश्वविद्यालय को केंद्र बनाकर प्रत्येक कमिश्नरी में एक स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने की प्रक्रिया भी तेज हो गई है। प्रदेश के सभी खेल शिक्षा संस्थानों की संबद्धता इसी विश्वविद्यालय से की जाएगी।
प्राइवेट खेल एकेडमियों को भी मिलेगा सहयोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया कि खेल प्रोत्साहन में सक्रिय निजी खेल एकेडमियों को राज्य सरकार की ओर से सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से निकले ओलंपियन खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद निजी एकेडमियों में प्रशिक्षण लेकर खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर तक सफलता हासिल की है, जिन्हें आगे भी सरकार का समर्थन मिलेगा।

