यूपी में प्रतिबंधित प्लास्टिक के प्रयोग पर सख्ती, नई नियमावली में डिजिटल डिस्प्ले को बढ़ावा

Sanchar Now
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी क्षेत्रों में प्रतिबंधित प्लास्टिक से बने विज्ञापन होर्डिंग लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। अब किसी भी भवन या परिसर पर विज्ञापन लगाने से पहले उसे संरचनात्मक इंजीनियर से प्रमाणित कराना अनिवार्य होगा, ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

अस्थायी आयोजनों के लिए लाइसेंस जरूरी

मेले, जादू शो, संगीत समारोह और अन्य अस्थायी आयोजनों के प्रचार-प्रसार के लिए नगर निगम से अस्थायी लाइसेंस लेना होगा। बिना अनुमति लगाए गए विज्ञापनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कैबिनेट से नई नियमावली को मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश नगर निगम (आकाश चिह्न और विज्ञापनों का विनियमन) नियमावली 2026 को स्वीकृति दी गई। इस नियमावली का उद्देश्य शहरों में विज्ञापन व्यवस्था को व्यवस्थित, सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।

12 साल तक के लिए मिलेगा विज्ञापन ठेका

नई व्यवस्था के तहत नगर निगम अधिकतम 12 वर्षों के लिए विज्ञापन एजेंसियों को ठेका दे सकेंगे। शहरों में सार्वजनिक स्थानों पर सीमित संख्या में ही विज्ञापन लगाए जाएंगे। इसके लिए नगर आयुक्त की अध्यक्षता में एक तकनीकी समिति का गठन किया जाएगा, जो विज्ञापन ठेके से जुड़े निर्णय लेगी।

अनुमति, शुल्क और निगरानी की स्पष्ट प्रक्रिया

नियमावली में विज्ञापन और होर्डिंग की अनुमति, शुल्क निर्धारण और निगरानी की पूरी प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है। अवैध, असुरक्षित और अनियमित होर्डिंग पर कड़ा नियंत्रण रखा जाएगा, जिससे आम जनता की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके।

नगर निगमों के राजस्व में होगी बढ़ोतरी

नई नीति लागू होने से विज्ञापनों से होने वाली आय में वृद्धि होगी, जिससे नगर निगमों के राजस्व को मजबूती मिलेगी। इसके चलते लोगों पर अतिरिक्त कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और शहरी विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

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डिजिटल विज्ञापन को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का फोकस डिजिटल माध्यमों और डिजिटल डिस्प्ले को प्रोत्साहित करने पर भी है। इससे न केवल विज्ञापन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा, बल्कि शहरों की सुंदरता और आधुनिक स्वरूप में भी सुधार होगा।

वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी से जुड़ा लक्ष्य

नई विज्ञापन नीति को प्रदेश के वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि विज्ञापन क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेश बढ़ने से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

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