सुबह-सुबह भूकंप के तेज झटके, लोग घरों से बाहर निकले

Sanchar Now
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दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में गुरुवार (10 जुलाई) सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। करीब 7 से 10 सेकंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस दौरान धरती हिलती रही। भूकंप आने के बाद लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकल गए। गुरुवार सुबह करीब 9 बजकर 4 मिनट पर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र राजधानी दिल्ली से सटे हरियाणा के झज्जर से 10 किलोमीटर उत्तर में था।

यह शहर राष्ट्रीय राजधानी से लगभग 60 किलोमीटर दूर है। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 थी। गुरुवार सुबह करीब 9.04 बजे लोगों को भूकंप के झटके लगे। इसके बाद लोग घरों से बाहर निकल आए। अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में गुरुवार सुबह करीब 9 बजकर 4 मिनट पर भूकंप के जबरदस्त झटके महसूस किए गए।

इससे दिल्ली-NCR के साथ हरियाणा का गुरुग्राम, रोहतक, पानीपत, झज्जर, हिसार सहित लगभग पूरे प्रदेश में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और नोएडा समेत पश्चिमी यूपी में भूकंत के तेज झटके लोगों ने महसूस किए। हरियाणा के गुरुग्राम फरीदाबाद में भूकंप के झटके इतने तेज महसूस किए गए कि डरकर लोग घरों और दफ्तरों से निकलकर बाहर भागने लगे।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने कहा कि भूकंप उथला था। पृथ्वी की सतह से लगभग 10 किलोमीटर नीचे आया। उथले भूकंपों में नुकसान पहुंचाने की क्षमता ज्यादा होती है। लेकिन इस मामले में भूकंप की तीव्रता बहुत ज्यादा नहीं थी। फिलहाल, भूकंप से किसी भी तरह के नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है।

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हाल के वर्षों में इस एरिया में 4 तीव्रता के कई भूकंप आए हैं। इससे पहले 2022 में दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था। यह एक उथला भूकंप था, लेकिन इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वे के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 सालों में दिल्ली में 5 तीव्रता से अधिक का भूकंप दर्ज नहीं किया गया है।

आपको जानकारी के लिए बता दें कि धरती के अंदर 7 टेक्टोनिक प्लेट्स हैं। ये प्लेट्स लगातार घूमती रहती हैं। जब ये आपस में टकराती हैं या रगड़ती हैं, एक-दूसरे के ऊपर चढ़ती या उनसे दूर जाती हैं, तब जमीन हिलने लगती है। इसके बाद भूकंप आता है। भूकंप को नापने के लिए रिक्टर पैमाने का इस्तेमाल करते हैं। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड स्केल कहते हैं।

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