ग्रेटर नोएडा के हॉस्टल में मांस मिलने पर छात्रों का हंगामा, जांच जारी

Sanchar Now
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नोएडा, एक ऐसा शहर जो अपनी आधुनिकता और शैक्षिक संस्थानों के लिए जाना जाता है, आजकल एक ऐसी खबर के कारण चर्चा में है, जिसने सबको हैरान कर दिया है. सेक्टर 126 में स्थित सनराइज हॉस्टल, जो छात्रों और युवा प्रोफेशनल्स के लिए किफायती रहने की जगह के रूप में लोकप्रिय था, अब एक घिनौने कांड का केंद्र बन गया है. पुलिस के एक छापे में हॉस्टल के किचन के फ्रिज से कुत्ते का मांस बरामद हुआ है, जिसने छात्रों में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है. सवाल उठ रहा है कि क्या इस मांस को छात्रों के भोजन में इस्तेमाल किया जा रहा था? आइए, इस सनसनीखेज मामले की सच्चाई को समझते हैं.

पिछले कुछ दिनों से सनराइज हॉस्टल के खाने को लेकर छात्रों में असंतोष बढ़ रहा था. कई छात्रों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की थी कि हॉस्टल के खाने में अजीब गंध और स्वाद है. कुछ ने तो खाना खाने के बाद पेट दर्द और उल्टी की शिकायत भी की थी. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नोएडा पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से हॉस्टल पर छापा मारा. छापेमारी के दौरान जो खुलासा हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया. हॉस्टल के किचन में रखे फ्रिज में कुत्ते का मांस मिला, जिसमें एक कटा हुआ सिर भी शामिल था, जो संभवतः एक छोटी नस्ल के कुत्ते का था. इसके अलावा, फ्रिज में सड़ा हुआ मांस और बिना लेबल वाले पैकेट भी बरामद हुए.

वीकेंड पर मिलता था मटन

हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि यहां शनिवार और रविवार को नॉन वेज दिया जाता था. लेकिन उन्हें गुरुवार को ही मांस का टब दिख गया. इतने लंबे समय तक क्या मांस लाकर स्टोर किया जाता था? छात्रों में इस खबर के बाद गुस्सा फूट पड़ा. एक छात्रा, प्रिया (काल्पनिक नाम), ने बताया, “हम यहां पढ़ाई के लिए आए हैं लेकिन अब हमें अपने खाने पर भी भरोसा नहीं रहा. ये घिनौना है. हमने हॉस्टल प्रशासन से कई बार शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.” छापे के बाद हॉस्टल के बाहर छात्रों की भीड़ जमा हो गई और कई ने हॉस्टल मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. कुछ छात्रों ने तो हॉस्टल छोड़ने का फैसला कर लिया है. पुलिस ने हॉस्टल के मालिक और किचन स्टाफ को हिरासत में लिया है. प्रारंभिक जांच में पता चला कि हॉस्टल बिना उचित खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के चल रहा था. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मांस के नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें पशु चिकित्सा विभाग और फोरेंसिक लैब में जांच के लिए भेजा गया है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया, “हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या इस मांस का उपयोग छात्रों के भोजन में किया जा रहा था या यह कर्मचारियों के निजी उपयोग के लिए था. जांच पूरी होने तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.”

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पहले भी हुआ है कांड

यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की घटना सामने आई हो. हाल ही में, 2025 में पंजाब के मोहाली में एक मोमो फैक्ट्री में कुत्ते का सिर मिला था, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा को लेकर सवाल उठे थे. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वह मांस खाद्य उत्पादन में इस्तेमाल नहीं हुआ था लेकिन उस घटना ने लोगों का ध्यान खाद्य सुरक्षा की ओर खींचा था. इसी तरह, 2019 में आंध्र प्रदेश में कुत्ते का मांस बेचने का मामला सामने आया था, जहां इसे हिरण का मांस बताकर बेचा जा रहा था. हालांकि, इस मामले में अभी तक कंफर्म नहीं हुआ है कि जब्त किया गया मांस कुत्ते का ही है. जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी.

जांच के बाद साफ़ होगा मामला

खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. राकेश गुप्ता का कहना है, “ऐसी घटनाएं न केवल स्वास्थ्य के लिए खतरा हैं, बल्कि समाज में विश्वास की कमी भी पैदा करती हैं. हॉस्टल और रेस्त्रां को नियमित जांच और पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए.” उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे खाने की गुणवत्ता पर सवाल उठाएं और संदिग्ध मामलों की शिकायत तुरंत करें. वहीं सोशल मीडिया पर इस घटना ने तूफान मचा दिया है. एक यूजर ने लिखा, “ये कितना डरावना है! अब हॉस्टल में खाना खाने से पहले दस बार सोचना पड़ेगा.” वहीं, एक अन्य ने टिप्पणी की, “पुलिस को दोषियों को कड़ी सजा देनी चाहिए.” इस घटना ने नोएडा के अन्य हॉस्टलों पर भी सवाल खड़े किए हैं. खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर भर में हॉस्टलों और पीजी की जांच तेज करने का ऐलान किया है.

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