उत्तर प्रदेश में ‘जीरो पावर्टी अभियान’ का दूसरा चरण शुरू, “योगी मॉडल ऑफ डेवलपमेंट” बनी मिसाल, इन योजनाओं पर रहेगा फोकस

Sanchar Now
4 Min Read

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में “जीरो पावर्टी अभियान” को एक मिशन के रूप में संचालित करने का संकल्प लिया है। उनके विजन का लक्ष्य स्पष्ट है—राज्य के हर गरीब परिवार को सरकारी योजनाओं का सम्पूर्ण लाभ दिलाना, ताकि कोई भी परिवार बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे। इसके तहत पहले चरण में जहां सात प्रमुख योजनाओं (राशन कार्ड, दिव्यांग पेंशन, विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना) के माध्यम से चिन्हित परिवारों को आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया था, वहीं अब दूसरा चरण और अधिक व्यापक होने जा रहा है। अभियान के दूसरे चरण में अब प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, जलजीवन मिशन, विद्युत कनेक्शन, शिक्षा तथा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य प्रत्येक गरीब परिवार को ऊर्जा, स्वच्छता, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन की बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है।

हर गरीब को सम्मानजनक जीवन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि “जीरो पावर्टी” केवल योजना न रहे, बल्कि एक सामाजिक संकल्प बन जाए। उनका स्पष्ट संदेश है कि यह अभियान न सिर्फ लाभ पहुंचाने का प्रयास है, बल्कि “गरीबी के चक्र को स्थायी रूप से तोड़ने” का एक मॉडल है, जो उत्तर प्रदेश को गरीबीमुक्त प्रदेश बनाने की दिशा में क्रांतिकारी कदम साबित होगा। यह अभियान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के उस “योगी मॉडल ऑफ डेवलपमेंट” की मिसाल है, जिसमें विकास केवल आंकड़ों में नहीं, बल्कि हर गरीब परिवार के जीवन में दिखता है। जहां प्रधानमंत्री मोदी का “सबका साथ, सबका विकास” नारा है, वहीं मुख्यमंत्री योगी का विजन उसे धरातल पर “जीरो पावर्टी” के रूप में साकार कर रहा है।

पढ़ें  स्कूल से लौट रहीं 2 बहनों की करंट से मौत, 6 मिनट सड़क पर तड़पती रहीं; JE और SDO सस्पेंड

योजनाओं का मिलेगा लाभ तो जीवन होगा खुशहाल

दूसरे चरण में अटल आवासीय योजना भी अभियान का अहम हिस्सा है। इसके तहत निराश्रित बच्चों को सुरक्षित आवासीय शिक्षा से जोड़ा जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। वहीं मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत कमजोर वर्ग की बालिकाओं को उनके विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायता दी जाएगी। इसी तरह, मुख्यमंत्री का निर्देश है कि सभी अनाथ बच्चों को बाल सेवा योजना में नामांकित किया जाए, जिससे उन्हें योजना का लाभ मिल सके। परिवार के सभी बच्चों का स्कूल में नामांकन सुनिश्चित हो और यदि नामांकन न हुआ हो तो तत्काल कराया जाए। साथ ही, सभी पात्र परिवारों को उज्ज्वला कनेक्शन दिए जाने पर भी जोर है, ताकि घरेलू महिलाएं सेफ कुकिंग फ्यूल का उपयोग सुनिश्चित कर सकें। वहीं, एसबीएम ग्रामीण के तहत सभी हाउसहोल्ड में सैनिटरी टॉयलेट्स की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। जलजीवन मिशन के अंतर्गत सभी घरों में स्वच्छ पेयजल और इलेक्ट्रिसिटी कनेक्शन योजना के अंतर्गत समस्त पात्रों को रेगुलर इलेक्ट्रिसिटी प्रदान करने का लक्ष्य है।

गरीबी की पहचान और समग्र सुधार

जीरो पावर्टी के तहत चिन्हीकरण में उन परिवारों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जिनके पास कृषि भूमि नहीं है, पक्का मकान नहीं है, या जिनके सदस्य वृद्ध, निराश्रित, अनाथ अथवा दिव्यांग हैं। साथ ही शिक्षा और रोजगार के अवसरों से वंचित युवाओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। यह मॉडल “डेमोग्रॉफी, असेट ओनरशिप और एजूकेशन एंड एंप्लॉयबिलिटी” के तीन स्तंभों पर आधारित है, जो गरीबी के मूल कारणों को दूर करने की दिशा में ठोस कदम है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर के सभी अधिकारी इस अभियान को अपनी जिम्मेदारी समझें और 100% कवरेज सुनिश्चित करें।

पढ़ें  मेरठ में रिश्तों को शर्मसार करने वाले मामले, जुए में पत्नी हार गया पति, दोस्त से हलाला कराना चाहता है शाैहर
Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment