नोएडा के सेक्टर 150 स्थित स्पोर्ट्स सिटी के खरीदारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. एसी 2 भूखंड से जुड़ी चार प्रमुख परियोजनाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में सुनवाई हुई, जिसके बाद फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ होने की उम्मीद बढ़ गई है. इन परियोजनाओं में गोदरेज, टाटा और एटीएस जैसी नामी बिल्डर कंपनियों की योजनाएं शामिल हैं.
सुप्रीम कोर्ट ने इन चारों परियोजनाओं के लिए एक समान आदेश जारी करते हुए नोएडा प्राधिकरण को सशर्त ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट OC जारी करने के निर्देश दिए हैं. इसके बाद खरीदारों ने रजिस्ट्री को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. अदालत के निर्देशों के अनुपालन में अब प्राधिकरण ने भी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है.
16 परियोजनाओं वाला बड़ा भूखंड
सेक्टर-150 का एसी 2 भूखंड कुल 16 परियोजनाओं से जुड़ा हुआ है. इनमें से कुछ परियोजनाओं में लीज रेंट और स्पोर्ट्स सिटी से जुड़ी सुविधाएं पहले ही विकसित की जा चुकी हैं, जबकि कई योजनाएं अंतिम चरण में हैं. करीब छह परियोजनाओं में निर्माण कार्य या तो रुका हुआ है या धीमी गति से चल रहा है. इसी भूखंड की एक परियोजना में पहले ही सशर्त ओसी जारी की जा चुकी है. यह ओसी भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आधार पर दी गई थी. अब बाकी परियोजनाओं को लेकर भी प्राधिकरण स्तर पर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं. माना जा रहा है कि बोर्ड बैठक के बाद लगभग 10 परियोजनाओं को सशर्त ओसी जारी करने का रास्ता साफ हो सकता है.
20 से अधिक शर्तें होंगी पूरी
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन को लेकर एक विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई है. निर्माण सुरक्षा मानकों, स्पोर्ट्स एक्टिविटी, एनर्जी नियम, फायर सेफ्टी और टाइम एक्सटेंशन जैसी करीब 20 से अधिक शर्तें पूरी होने पर ही सशर्त ओसी जारी की जाएगी.
9 हजार फ्लैट खरीदारों को मिलेगी राहत
गौरतलब है कि 2021 में नोएडा प्राधिकरण ने स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं में नियमों के उल्लंघन को लेकर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी थी. इसके चलते हजारों खरीदारों की रजिस्ट्री अटक गई थी और लोग कई सालों से अपने घरों का इंतजार कर रहे थे. यदि सभी प्रक्रियाएं तय समय पर पूरी होती हैं तो करीब 9 हजार फ्लैट खरीदारों को अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री कराने का मौका मिलेगा. इससे न सिर्फ खरीदारों को बड़ी राहत मिलेगी बल्कि लंबे समय से अटकी स्पोर्ट्स सिटी परियोजनाओं को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.


