लखनऊ में श्रम विभाग ने प्रदेश के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में अध्ययनरत 18 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। इस योजना के अंतर्गत होटल उद्योग के सहयोग से छात्रों को पार्ट-टाइम नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है। हाल ही में प्रमुख सचिव श्रम की अध्यक्षता में होटल इंडस्ट्री सहित विभिन्न उद्योगों के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें छात्रों के लिए अंशकालिक रोजगार की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य
इस पहल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अध्ययन के दौरान व्यावहारिक कार्य अनुभव प्रदान करना, उनकी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इससे न केवल छात्रों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि वे वास्तविक कार्य वातावरण से भी परिचित हो सकेंगे, जो भविष्य में उनके करियर के लिए लाभदायक साबित होगा।
होटल समूहों की सकारात्मक प्रतिक्रिया
बैठक के उपरांत कई प्रमुख होटल समूहों ने इस प्रस्ताव में रुचि दिखाई है। हालांकि अभी यह योजना औपचारिक रूप से लागू नहीं की गई है, लेकिन श्रम विभाग द्वारा प्राप्त प्रस्तावों पर सक्रिय रूप से कार्य किया जा रहा है। श्रम विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एमके शन्मुगा सुंदरम के अनुसार होटल उद्योग से आए सुझाव और प्रस्ताव फिलहाल प्रक्रिया के चरण में हैं।
फीडबैक और आकलन की प्रक्रिया जारी
विभिन्न होटल इकाइयों से फीडबैक लिया जा रहा है, ताकि यह आकलन किया जा सके कि प्रदेश स्तर पर कितने होटल इस योजना में भागीदारी कर सकते हैं और किन पदों पर छात्रों के लिए पार्ट-टाइम रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इस आकलन के पूरा होने के बाद योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा।
आवेदन की सुविधा और रोजगार के नए अवसर
योजना के लागू होने के पश्चात कॉलेजों, राज्य के रोजगार पोर्टल और श्रम विभाग के माध्यम से छात्रों को आवेदन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। यह पहल शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास को बढ़ावा देने और युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार का एक सराहनीय प्रयास माना जा रहा है।


