मंदिर में फैला था चारो तरफ खून, बरामदे में पड़ी थी लाश, गला रेत कर पुजारी की निर्मम हत्या

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रामकोट (सीतापुर)। प्राचीन रामेश्वरम मंदिर में रविवार की रात सेवादार की बांका से प्रहारकर हत्या कर दी गई। सुबह श्रद्धालु मंदिर गए तो शव खून से लथपथ पड़ा मिला। हत्या को लेकर सनसनी फैल गई। एसपी सहित कई पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और जांच शुरू की।

रामकोट निवासी हिमांशु मिश्रा ऊर्फ संकुल पुत्र विश्व मोहन मिश्रा रामेश्वर मंदिर में बीते कई वर्ष से सेवादार था। वह मंदिर के बाहर बने कमरे में रहता था और मंदिर की देख-देख करता था। हिमांशु कई दिन पहले पंचकोसी परिक्रमा के लिए मिश्रिख गया था। वहां से रविवार की देर शाम ही मंदिर वापस आया था।

सुबह श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे तो वहां हिमांशु का खून से लथपथ शव देखकर सन्न रह गए। हत्या से सनसनी फैल गई मंदिर के पास लोगों की भीड़ जमा हो गई। रामेश्वरम मंदिर के अंदर भी खून फैला था। मंदिर के बाहर बने बरामदे में शव पड़ा हुआ था। सिर, गर्दन व चेहरे पर बांका के प्रहार के निशान मिले हैं।

एसपी चक्रेश मिश्रा, एएसपी प्रकाश कुमार, सीओ अमन सिंह और थानाध्यक्ष बलवंत शाही ने घटनास्थल पर जांच पड़ताल की ग्रामीणों के बयान लिए। एसपी ने हिमांशु के पिता विश्व मोहन, मां ऊषा रानी और प्रधान रामनिवास वर्मा से भी घटना के विषय में जानकारी ली। क्राइम ब्रांच व फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य एकत्र किए।

मंदिर के अंदर किया गया हमला

सेवादार मंदिर के बाहर बने कमरे में रहता था। मंदिर के अंदर खून मिलने से अनुमान लगाया जा रहा है कि पहले हमला मंदिर के अंदर किया गया। वहां हत्या कर शव बाहर बरामदे में डाला गया अथवा वहां से भाग कर बचाव में बरामदे में पहुंचा जहां हमलावरों ने हत्या की। कमरे में ताला लगा होने से अनुमान लगाया जा रहा है कि रात में आने के कारण हिमांशु मंदिर में ही सो गए होंगे, जहां हमला किया गया।

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किसी से दुश्मनी नहीं फिर भी कर दी हत्या

हिमांशु के पिता विश्व मोहन ने पुलिस को बताया उनका बेटा पांच वर्ष से मंदिर में सेवादार था। उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है, लेकिन किसी ने हत्या की है। जिसने हत्या की है, उसे पुलिस गिरफ्तार कर सजा दिलाए। हिमांशु की मां ऊषा रानी ने बताया कि रविवार की देर शाम फोन पर बात हुई थी तो बताया था कि मिश्रिख से पंचकोसी परिक्रमा कर मंदिर आ गए हैं।

ननिहाल में रहता था हिमांशु

हिमांशु के पिता विश्व मोहन की ससुराल रामकोट में ब्रह्मदत्त तिवारी के यहां है। विश्व मोहन शाहजहांपुर जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र के बड़ी बिसरात हुसैनपुरा के निवासी हैं। विश्व मोहन शादी के बाद लगभग 45 वर्ष से रामकोट में ही रहते हैं।

एसपी सीतापुर, चक्रेश मिश्रा ने बताया- मंदिर के सेवादार की बांका जैसे धारदार हथियार से प्रहार कर हत्या की गई है। किसी अज्ञात व्यक्ति ने रंजिश में योजनाबद्ध तरीके से घटना की है। कई टीमें जांच में लगी हैं, शीघ्र हत्या का अनावरण कर शामिल अभियुक्तों को जेल भेजा जाएगा।

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