औरैया को इस हादसे ने रुलाया! मां-बेटे की एक साथ उठी अर्थी, मृतक भाई को बहन ने क्यों लगाया तिलक?

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उत्तर प्रदेश के औरैया भैयादूज का त्योहार भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक है, जहां बहनें अपने भाइयों को तिलक लगाकर लंबी आयु की कामना करती हैं. लेकिन उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के अजीतमल थाना क्षेत्र के ग्राम भूरेपुर कला में यह पर्व एक दुखद घटना का गवाह बन गया. यहां एक बहन ने अपने मृतक भाई को तिलक लगाते ही फफक-फफक कर रो पड़ी और पूरे गांव में कोहराम मच गया. एक ही परिवार से मां-बेटे की एक साथ मौत ने परिजनों को स्तब्ध कर दिया है.

घटना की दर्दनाक पूरी कहानी

घटना 21 अक्टूबर 2025 की रात की है. कानपुर देहात के डेरापुर क्षेत्र के निवासी शिवम गौर उम्र लगभग 26 वर्ष गाजियाबाद के थाना कोतवाली कोशाम्बी क्षेत्र में स्थित एक निजी कमल हॉस्पिटल में कुछ समय से काम कर रहे थे. अचानक अज्ञात कारणों से उनकी मृत्यु हो गई, और उनका शव मृतक अवस्था में बरामद हुआ. शिवम अपने पिता राजेश सिंह सेंगर के इकलौते शाला था,जो औरैया के अजीतमल थाना क्षेत्र के ग्राम भूरेपुर कला के निवासी हैं.सूचना मिलते ही परिजन हतबल हो गए। शिवम की मां सरस्वती देवी पत्नी सुल्तान सिंह, उम्र 60 वर्ष पुत्र वियोग के गहन दुख में फूट-फूट कर रोने लगीं. दर्द इतना असहनीय था कि उनकी हृदय गति रुक गई, और कुछ ही देर में उनकी भी मृत्यु हो गई. एक ही दिन में मां-बेटे का यह साथी सफर समाप्त हो गया, जिसने पूरे परिवार को शोक की चादर ओढ़ा दी.

एक साथ अंतिम संस्कार हर्ष सेंगर ने दी मामा-नानी को विदाई

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22 अक्टूबर को भैयादूज के दिन ग्राम भूरेपुर कला से मां-बेटे की अर्थियां एक साथ उठाई गईं. दोनों की अंतिम यात्रा सिकरोड़ी घाट की ओर रवाना हुई. इस दुखद क्षण में शिवम की बहन ने अपने भाई को तिलक लगाने की रस्म निभाई, लेकिन तिलक लगाते ही वे फूट-फूट कर रो पड़ीं. परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया. अंतिम संस्कार का दायित्व शिवम के भतीजे हर्ष सेंगर ने निभाया. उन्होंने अपने मामा शिवम और नानी सरस्वती देवी का दाह संस्कार कर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी. इस विपत्ति की घड़ी में राजेश सिंह सेंगर,उनके बड़े भाई शिवबीर सिंह समेत अन्य परिजन और रिश्तेदार मौजूद रहे. गांव के लोग भी इस दुख में शरीक हुए और सिकरोड़ी घाट पर सन्नाटा पसर गया.

परिवार का दर्द इकलौते बेटे की मौत ने तोड़ा सब कुछ राजेश सिंह सेंगर के लिए यह आघात असहनीय है. शिवम उनका इकलौता साला था,जो नौकरी के सिलसिले में दूर रहते थे. मां सरस्वती देवी का देहांत पुत्र के शव के समक्ष होना परिवार के लिए दोहरी मार साबित हुआ. ग्रामीणों का कहना है कि सरस्वती देवी हमेशा शिवम की सफलता की कामना करती थीं, लेकिन भाग्य ने कुछ और ही लिखा.गाजियाबाद पुलिस ने शिवम की मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक रिपोर्ट में अज्ञात कारण बताए गए हैं, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है. परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि इस दुख में आर्थिक सहायता प्रदान की जाए और जांच में पारदर्शिता बरती जाए.

भैयादूज का संदेश प्रेम के साथ सावधानी का पाठ

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यह घटना भैयादूज के पावन अवसर पर जीवन की नाजुकता की याद दिलाती है. जहां एक ओर बहनें भाइयों की लंबी उम्र की दुआ मांगती हैं, वहीं यहां एक बहन को अपने भाई को तिलक लगाने का अवसर तो मिला, लेकिन अंतिम विदाई का दर्द सहना पड़ा.

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