गोवा में समान नागरिक संहिता गर्व की बात, देश के लिए उदाहरण : राष्ट्रपति मुर्मू

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को तटीय राज्य गोवा की तीन दिवसीय यात्रा पर पणजी पहुंचीं। गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने डाबोलिम हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने पणजी के आजाद मैदान में शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने यहां शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपने तीन दिवसीय दौरे की शुरुआत की। राष्ट्रपति शाम को राजभवन में एक नागरिक अभिनंदन समारोह में शामिल हुई।

नागरिक अभिनंदन समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गोवा में ‘समान नागरिक संहिता’ की सराहना करते हुए कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है और देश के लिए एक अच्छा उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की महानगरीय संस्कृति में महिलाओं को समान दर्जा प्राप्त है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को तीन दिवसीय यात्रा में गोवा पहुंचीं।

एक नागरिक अभिनंदन समारोह में उन्होंने कहा, गोवा की महानगरीय संस्कृति में महिलाओं को समानता की दृष्टि से देखा जाता है। गोवा में उच्च शिक्षा में महिला विद्यार्थियों की संख्या 60 फीसदी से अधिक है। लेकिन राज्य में कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की जरूरत है। गोवा में औपनिवेशिक युग की पुर्तगाली नागरिक संहिता है जो सभी धर्मों के लोगों पर लागू होती है।

राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा, सामान्य नागरिक संहिता जो गोवा में रहने वाले सभी समुदायों की महिलाओं और पुरुषों को समान अधिकार प्रदान करती है, यहां की महानगरीय संस्कृति का प्रमाण है। यह संविधान के अनुरूप और देश के लिए शानदार उदाहरण है। राष्ट्रीय स्तर पर, प्रस्तावित समान नागरिक संहिता हाल ही में तब सुर्खियों में आई जब विधि आयोग ने इस मुद्दे पर विभिन्न हितधारकों के विचार मांगे। मुर्मू ने इस बीच राज्य में ‘आत्मनिर्भर गोवा’ पहल की भी सराहना की।

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उन्होंने कहा कि तटीय राज्य ने सतत विकास के मोर्चे पर भी अच्छा प्रदर्शन किया है। राष्ट्रपति ने आदिवासी समुदायों के छह सदस्यों को वन अधिकार अधिनियम के तहत पत्र सौंपे, जिससे उन्हें उनकी भूमि का अधिकार मिला। इस मौके पर गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई, मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाइक मौजूद थे। राज्यपाल पिल्लई ने कहा कि महात्मा गांधी ने राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक स्वतंत्रता की आवश्यकता पर जोर दिया था और गांवों में रहने वाले लोगों के लिए काम किया था। मुर्मू को देश के राष्ट्रपति के रूप में देखकर गांधीजी बहुत खुश होते।

इस मौके पर गोवा के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई ने कहा कि महात्मा गांधी ने राजनीतिक स्वतंत्रता के साथ-साथ सामाजिक स्वतंत्रता की आवश्यकता पर जोर दिया था और गांवों में रहने वाले लोगों के लिए काम किया था। मुर्मू को देश के राष्ट्रपति के रूप में देखकर गांधीजी बहुत खुश होते।

अपने दौरे पर राष्ट्रपति मुर्मू 23 अगस्त को राजभवन के दरबार हॉल में गोवा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगीं। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, वह तटीय राज्य के जंगलों में रहने वाले आदिवासी समूहों के सदस्यों के साथ बातचीत करेंगी। इसी साथ वह बुधवार को राज्य विधानसभा को भी संबोधित करेंगी।

इसी के साथ वह 24 अगस्त को 17वीं सदी के पुर्तगाली किले फोर्ट अगुआड़ा का दौरा करेंगी, जिसके बाद वह ओल्ड गोवा में एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण बेसिलिका ऑफ बॉम जीसस और दक्षिण गोवा में बहुत प्रतिष्ठित श्री शांतादुर्गा मंदिर का दौरा करेंगी।

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