आम बजट से यूपी के डेवलपमेंट को मिलेंगे 4.18 लाख करोड़, प्रदेश में तेजी से घूमेगा विकास का पहिया

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लखनऊ। केंद्र सरकार द्वारा रविवार को पेश किए गए वित्तीय वर्ष 2026-27 के आम बजट से उत्तर प्रदेश को लगभग 4.18 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है। इस बड़ी धनराशि से राज्य सरकार न केवल अपना बजट मजबूत आधार पर तैयार करेगी, बल्कि प्रदेश में विकास कार्यों की गति को भी नई रफ्तार दे सकेगी।

केंद्रीय करों में यूपी की हिस्सेदारी सबसे बड़ी

राज्य को मिलने वाली कुल राशि में सबसे बड़ा हिस्सा केंद्रीय करों और शुल्कों से आएगा। केंद्रीय करों व शुल्कों में राज्यों के लिए तय कुल धनराशि में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 17.619 प्रतिशत है। इसके तहत राज्य को करीब 2.69 लाख करोड़ रुपये प्राप्त होंगे, जो सरकार के खजाने की रीढ़ साबित होंगे।

किस कर से कितनी राशि मिलेगी

केंद्रीय करों के अलग-अलग मदों से यूपी को बड़ी रकम मिलने वाली है। कारपोरेशन टैक्स से 78,939.30 करोड़ रुपये, इनकम टैक्स से 95,698.13 करोड़ रुपये, सेंट्रल जीएसटी से 73,546.95 करोड़ रुपये, कस्टम ड्यूटी से 14,347.21 करोड़ रुपये, यूनियन एक्साइज ड्यूटी से 6,111.89 करोड़ रुपये और अन्य करों व शुल्कों से 267.28 करोड़ रुपये राज्य को मिलेंगे।

कुल मिलाकर 2.69 लाख करोड़ से अधिक की आमदनी

इन सभी कर मदों को मिलाकर उत्तर प्रदेश को 2,68,910.76 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य को केंद्रीय करों व शुल्कों से लगभग 2.55 लाख करोड़ रुपये मिलने हैं, यानी इस बार इसमें उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।

ब्याजमुक्त ऋण और केंद्र सहायता से अतिरिक्त मजबूती

केंद्र सरकार की ब्याजमुक्त ऋण योजना के तहत यूपी को करीब 22 हजार करोड़ रुपये मिलने की संभावना है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में इस मद में लगभग 18 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान है। इसके अलावा केंद्र सहायतित योजनाओं के तहत इस बार राज्य को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मिलने का अनुमान है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में इस मद में करीब 96 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

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केंद्रीय योजनाओं और वित्त आयोग से भी लाभ

केंद्रीय योजनाओं के अंतर्गत इस बजट से उत्तर प्रदेश को लगभग 15 हजार करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है, जबकि चालू वित्तीय वर्ष में यह राशि करीब 12 हजार करोड़ रुपये है। वहीं केंद्रीय वित्त आयोग से 10 से 12 हजार करोड़ रुपये मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है, जो पिछले वर्ष के लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के प्रावधान से अधिक है।

विकास कार्यों और अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई दिशा

इस बड़ी धनराशि से प्रदेश में पूंजीगत व्यय यानी विकास कार्यों को नई मजबूती मिलेगी। एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स हब और शहरी आधारभूत ढांचे के विकास में तेजी आएगी। साथ ही उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में भी यह बजट अहम भूमिका निभाएगा।

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