नए साल की शुरुआत में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की आवासीय भूखंड योजना लॉन्च होने वाली थी, लेकिन अब ये अधर में लटकती दिख रही है. रेरा की आपत्ति के चलते 973 आवासीय भूखंडों की योजना फिलहाल अधर में लटक गई है. फिलहाल, हजारों आवेदकों के अपने घर के होने के सपने पर ब्रेक लग गया.
बता दें कि यमुना प्राधिकरण ने दिसंबर महीने में 973 आवासीय भूखंडों की योजना लॉन्च करने का निर्णय लिया था. इस योजना में सेक्टर 15सी,18 और 24 में भूखंड प्रस्तावित किए गए हैं. इनमें 162 वर्गमीटर के 476 भूखण्ड 183 वर्गमीटर के 4,184 वर्गमीटर के 4,200 वर्गमीटर के 481,223 वर्गमीटर के 6 और 290 वर्गमीटर के 2 भूखंड शामिल हैं.
रेरा ने क्यों लगाई आपत्ति
रेरा ने योजना के पंजीकरण से पहले यह आपत्ति दर्ज की कि जिस जमीन पर योजना प्रस्तावित है वह अभी तक पूरी तरह से यीडा के नाम दर्ज नहीं हुई है. हालांकि, प्राधिकरण जमीन का खरीद चुका है लेकिन दस्तावेजों में अभी भी जमीन किसानों के नाम दर्ज है. इसी कारण रेरा ने योजना के पंजीकरण पर रोक लगा दी. योजना के तहत आवेदकों को आवेदन के साथ कुल कीमत की 10 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी. आवंटन होने के बाद शेष राशि का भुगतान एक किश्त में करना अनिवार्य होगा. लेकिन योजना अटकी होने से आवेदन प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो सकी है.
सीईओ के निर्देश पर समाधान की कोशिश
प्राधिकरण के के सीईओ राकेश कुमार सिंह के निर्देश पर प्राधिकरण के अधिकारी रेरा की आपत्ति दूर करने में जुटे हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जमीन को जल्द से जल्द यीडा के नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि रेरा पंजीकरण पूरा कर योजना लॉन्च की जा सके.नया साल शुरू हुए एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है लेकिन योजना अब तक रेरा में फंसी हुई है. प्राधिकरण का दावा है कि जैसे ही पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी योजना को तुरंत लॉन्च कर दिया जाएगा.


