उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार बढ़ते लू-प्रकोप और उससे होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए योगी सरकार ने ठोस पहल की है। राज्य सरकार ने गोरखपुर, अलीगढ़, बरेली, फिरोजाबाद समेत कुल 11 शहरों में सिटी हीट एक्शन प्लान (सीएचएपी) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्ययोजना 20 मार्च तक तैयार कर उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सौंपे जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
राज्य कार्यकारिणी समिति के निर्देश पर हुई पहल
बीते वर्ष मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक में सिटी हीट एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में 5 जनवरी को गोरखपुर सहित 11 नगर निगमों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया। ये समितियां राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मार्गदर्शन में सिटी हीट एक्शन प्लान को विकसित करेंगी, उसे लागू करेंगी और उसकी सतत निगरानी भी करेंगी।
तकनीकी विशेषज्ञों का मिलेगा सहयोग
कार्ययोजना को प्रभावी और वैज्ञानिक बनाने के लिए अधिकतम तीन प्रतिष्ठित संस्थानों या विषय विशेषज्ञों को तकनीकी सहयोग के लिए जोड़ा जाएगा। इनमें जलवायु परिवर्तन से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल होंगे, ताकि बदलते मौसम के प्रभावों का सटीक आकलन कर बेहतर रणनीति तैयार की जा सके।
‘सचेत’ ऐप और अर्ली वार्निंग सिस्टम बनेगा सुरक्षा कवच
लू प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘सचेत’ मोबाइल ऐप और राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा विकसित इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। इनके माध्यम से गंभीर मौसम से जुड़ी चेतावनियां समय रहते आमजन तक पहुंचाई जाएंगी। इसके साथ ही राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन भी किया जाएगा।
गर्मी से पहले बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
गर्मी के मौसम में संभावित चुनौतियों को देखते हुए राज्य सरकार ने बिजली व्यवस्था को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में रामपुर में अधीक्षण अभियंता सतेंदर कुमार वर्मा ने नगर क्षेत्र में स्थापित ट्रांसफार्मरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर जर्जर एबीसी तार, ट्रांसफार्मरों के झंपर और सुरक्षा मानकों में लापरवाही सामने आई, जिस पर संबंधित जूनियर इंजीनियर को कड़ी फटकार लगाई गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गर्मी शुरू होने से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो।

