यूपी बजट से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार पहली बार विधानसभा के पटल पर प्रदेश के आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट प्रस्तुत करने की तैयारी में है। इस रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश की मौजूदा आर्थिक स्थिति का विस्तृत विश्लेषण शामिल होगा, जिसमें जीडीपी ग्रोथ, आर्थिक प्रगति और प्रमुख चुनौतियों के साथ-साथ उनसे निपटने के लिए सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का समग्र विवरण दिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार बजट सत्र के दौरान राज्यपाल के अभिभाषण के बाद यह आर्थिक सर्वे रिपोर्ट सदन में रखी जाएगी।
प्रमुख क्षेत्रों के प्रदर्शन का विस्तृत लेखा-जोखा
आर्थिक सर्वे में कृषि, उद्योग, निर्माण, सेवा क्षेत्र और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे अहम सेक्टरों की स्थिति को विस्तार से दर्शाया जाएगा। इन क्षेत्रों में सरकार के प्रदर्शन, नीतिगत पहलों और उनके परिणामों को आंकड़ों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही रोजगार की स्थिति, क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेश्यो और विभिन्न आर्थिक संकेतकों के रुझान भी सर्वे का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे।
बजट समझने में मददगार होगा आर्थिक सर्वे
यह रिपोर्ट आम जनता और नीति निर्माताओं को यह समझने में सहायता करेगी कि बजट में संसाधनों की व्यवस्था और उनका वितरण किस प्रकार किया गया है। कृषि, उद्योग, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, मुद्रा आपूर्ति, महंगाई, व्यापार और अन्य सूक्ष्म आर्थिक संकेतकों में हो रहे बदलावों का गहन मूल्यांकन इसमें शामिल रहेगा, जिससे आर्थिक दिशा और दशा की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
भविष्य की चुनौतियों और समाधान का रोडमैप
आर्थिक सर्वे न केवल वर्तमान आर्थिक परिदृश्य को दर्शाएगा, बल्कि भविष्य में विभिन्न क्षेत्रों में उभरने वाली संभावित चुनौतियों की पहचान भी करेगा। सरकार आर्थिक आंकड़ों और उनके रुझानों के विश्लेषण के आधार पर इन चुनौतियों से निपटने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करेगी। इसके माध्यम से यह भी सामने आएगा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं का प्रदेश की अर्थव्यवस्था और जनता पर क्या प्रभाव पड़ा है।

