नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के बाद अब नोएडा प्राधिकरण अब ऐक्शन में आ गया है। प्राधिकरण ने सेक्टर 150 की अंदरूनी सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने का फैसला लिया है। प्राधिकरण द्वारा यह कदम पिछले महीने इंजीनियर के कार समेत पानी से भरे गड्ढे में डूबने के बाद स्थानीय लोगों की सुरक्षा मांगों के जवाब में उठाया गया है।
सर्वे कर होगी लोकेशन की पहचान
एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि इंजीनियरिंग और ट्रैफिक टीमों द्वारा एक संयुक्त सर्वे में कैमरों के लिए खास जगहों की पहचान की जाएगी ताकि निगरानी में कमी, ब्लैक स्पॉट, मेन रोड और हाउसिंग सोसाइटियों के बाहर के इलाकों को कवर किया जा सके। प्राधिकरण द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार, सीसीटीवी कैमरों की लाइव फीड की निगरानी सेक्टर 94 में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में की जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण के जनरल मैनेजर एसपी सिंह ने कहा, “सेक्टर 150 के निवासियों ने सीसीटीवी लगाने की मांग की है ताकि इस जगह कैमरों से निगरानी रखी जा सके… प्राधिकरण उन सही जगहों की पहचान करने के लिए एक सर्वे करेगा, जहां सीसीटीवी लगाने की जरूरत है। इसके बाद, एक एस्टीमेट तैयार किया जाएगा।”
सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए उठाए जा रहे कदम
इस कदम का मकसद तेजी से डेवलप हो रहे इस सेक्टर में लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को दूर करना है, जिसमें लगभग एक दर्जन हाउसिंग सोसाइटी और 10,000 से लोग रहते हैं, लेकिन यहां असमान रोशन, कंस्ट्रक्शन का मलबा और सीमित निगरानी जैसी समस्याएं हैं।
यह कदम 27 साल के युवराज मेहता की मौत के बाद देशभर में फैले गुस्से के बाद उठाया गया है। 17 जनवरी की देर रात युवराज की कार सड़क से फिसलकर एक कमर्शियल प्रोजेक्ट के लिए खोदे गए पानी से भरे गड्ढे में गिर गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी।
सीसीटीवी कैमरे सुरक्षा का एहसास देंगे
सेक्टर 150 के रहने वाले मनमीत सिंह ने कहा, “इस बिना रखरखाव वाले इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे हमें सुरक्षा का एहसास देंगे और पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए असामाजिक गतिविधियों और लोगों पर नजर रख सकती है।”
नए कैमरों को शहर के मौजूदा इंटीग्रेटेड स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में जोड़ा जाएगा, जो ई-चालान और जांच में मदद के लिए 82 जगहों पर 1,065 एडवांस्ड कैमरों का इस्तेमाल करता है।
प्राधिकरण ने हादसे वाली जगह पर इंजीनियरिंग सुधार पूरे किए
प्राधिकरण ने सुरक्षा से जुड़े सुधारों के तहत हादसे वाली जगह पर इंजीनियरिंग सुधार पूरे कर लिए हैं। उस खतरनाक मोड़ के पास रिफ्लेक्टिव स्टड, हाई-इंटेंसिटी रिफ्लेक्टर और बेहतर स्ट्रीट लाइटिंग लगाई गई है, जहां यह जानलेवा हादसा हुआ था। अब बैरिकेड्स वाहनों को सीधे गहरे गड्ढे के किनारे वाले मोड़ पर जाने से रोकते हैं। यह पहल एक बड़े रिव्यू का हिस्सा है, जिसमें नोएडा में 65 ट्रैफिक ब्लैक स्पॉट की पहचान की गई है। अधिकारियों ने बताया कि सीसीटीवी ग्रिड का मकसद तेज ड्राइविंग को रोकना, कंस्ट्रक्शन जोन में अनाधिकृत प्रवेश को रोकना और सेक्टर में पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर बनने तक निगरानी रखना है।

