उप निबंधक कार्यालयों में पंजीकृत विलेखों और दस्तावेजों के डिजिटलीकरण कार्य में पिछड़ रहे जिलों को राहत देते हुए शासन ने छह महीने का अतिरिक्त समय प्रदान किया है। यह निर्णय उन जिलों के लिए लिया गया है, जो पहले से बढ़ाई गई समय-सीमा के बावजूद कार्य को पूरा नहीं कर सके थे।
दस जिलों को मिला अतिरिक्त अवसर
स्टांप एवं निबंधन विभाग के प्रमुख सचिव अमित सिंह ने इस संबंध में महानिरीक्षक निबंधन को पत्र भेजकर जानकारी दी है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि एटा, वाराणसी, मुरादाबाद, मैनपुरी, लखनऊ, अलीगढ़, हाथरस, आगरा, सहारनपुर और प्रयागराज जिलों में डिजिटलीकरण का कार्य निर्धारित अवधि में पूरा नहीं हो पाया।
अवशेष दस्तावेजों के लिए छह माह का विस्तार
इन सभी जिलों के उप निबंधक कार्यालयों में शेष बचे पंजीकृत दस्तावेजों के डिजिटलीकरण को पूरा करने के लिए अब छह माह की अतिरिक्त अवधि दी गई है। शासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्य पहले से स्वीकृत धनराशि के भीतर ही पूरा किया जाना होगा, इसके लिए कोई अतिरिक्त बजट उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
शासन ने निर्देश दिए हैं कि डिजिटलीकरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। यदि निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा नहीं होता है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

