ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपोर्ट में एक्रेक्स इंडिया का हुआ आयोजन, 50 से ज्यादा देशों के प्रदर्शक हुए शामिल

Sanchar Now
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संचार न्यूज़। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में एक्रेक्स इंडिया प्रदर्शनी के 23वें संस्करण का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें 40 देश से 500 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा लेंगे और लगभग 25000 से अधिक बायर्स यहां पहुंचेंगे। जाने माने संगठन इंडियन सोसाइटी ऑफ हीटिंग रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग इंजीनियर्स के द्वारा भारत के प्रमुख व्यापार प्रदर्शनी आयोजन करता इनफॉर्मा मार्केट इन इंडिया के सहयोग से एक्रिक्स इंडिया (ACREX INDIA) के 23वे संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय आयोजन 17 फरवरी तक ग्रेटर नोएडा में होगा।

 

 

एक्रेक्स इंडिया 2024 देसी – विदेशी निर्माताओ, सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के दिग्गजों एवं उपयोगकर्ताओं के साथ जोड़ने और उनके कारोबार लक्ष्य को हासिल करने के लिए मंच प्रदान किया है। इस एक्सपो में 40 देश के 500 से अधिक प्रदर्शन शामिल हुए। जिसमें बेल्जियम, चीन, चेक गणराज्य, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, कोरिया, मलेशिया, सऊदी अरब, सिंगापुर, ताइवान, स्पेन, स्विट्जरलैंड, नीदरलैंड, यूके यूक्रेन और यूएसए जैसे देश शामिल हुए।

 

एक्रेक्स इंडिया के अध्यक्ष सुशील चौधरी ने कहा कि एक्रेक्स इंडिया भारत के एचवीएसी सेक्टर में हुई कार्बनिक कारण टेक्नोलॉजी सशक्तिकरण इनोवेशन एवं सप्लाई चैन के इंटीग्रेशन जैसे पहलुओं पर रोशनी डालेगा। यह मेक इन इंडिया दृष्टिकोण के अनुरूप भारत को विश्व स्तरीय मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेगा। उद्योग जगत ने महामारी के बाद के दौर में भारत की दृढ़ता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। 2023 में भारत में संचालित एयर कंडीशनर तकरीबन 190TWH बिजली की खपत है (नेशनल टोटल का 10 फ़ीसदी से अधिक) यह आंकड़ा 2038 तक 600 TWH तक पहुंचाने की उम्मीद है। देश के पहले दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में इमारत में इसकी मांग बढ़ गयी है।

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वही इस अवसर पर इनफॉर्मा मार्केट इंडिया के प्रबंधक निदेशक योगेश मुद्राश ने कहा 2070 तक कार्बन न्यूट्रॅलिटी हासिल करने के भारत के लक्ष्य के अनुरूप जोर दिया जा रहा है। भारत में तेजी से शहरीकरण हो रहा है एक अनुमान के अनुसार 2030 तक 1 मिलियन से अधिक आबादी वाले भारतीय शहरों की संख्या 42 से बढ़कर 68 तक पहुंच जाएगी। जिससे एचवीएसी सिस्टम की मांग बढ़ जाएगी अगले दो दशकों में देश की 50 प्रतिशत से अधिक इमारतों का निर्माण होने की उम्मीद है जिससे बाजार में व्यापक संभावनाएं है।

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