बाइक बोट घोटाला – फरार तीन डायरेक्टरों पर सरकार ने पांच-पांच लाख का इनाम किया घोषित, सालो से पीड़ित दे रहे है धरना

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ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट घोटाले के फरार तीन आरोपियों पर पांच-पांच लाख का इनाम घोषित किया गया है कई साल बीत जाने के बाद भी बाइक बोट के इन तीनो डारेक्टरों दीप्ति बहल, भूदेव और बिजेंद्र सिंह हुड्डा पुलिस की पकड़ से दूर है। देश में बड़े घोटालों में शामिल इस घोटाले से पीड़ित पिछले 4 साल से धरना देकर आरोपियों की गिरफ्तारी और अपने पैसों की मांग कर रहे हैं।

दरअसल, पूरे भारत में 5 लाख से 7 लाख लोगों के साथ बाइक बोट के नाम पर धोखाधड़ी की गई। गौतम बुध नगर के चीती गांव के रहने वाले संजय भाटी ने बाइक बोट के नाम पर बाइक टैक्सी की स्कीम चलाई। इस स्कीम में लोगों को ज्यादा मुनाफा देने के नाम पर निवेश कराया और फिर उनके साथ धोखाधड़ी की गई। देश में यह घोटाला लगभग 5 हजार करोड़ बताया गया है।

बाइक बोट घोटाले से पीड़ित मुजफ्फरनगर के सिसौली के रहने वाले मुन्ना ने बताया कि इस घोटाले के मुख्य आरोपी संजय भाटी सहित अन्य कई लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है लेकिन संजय भाटी की पत्नी दीप्ति बहल अभी भी इस मामले में फरार है दीप्ति बहल पर यूपी सरकार के द्वारा पांच-पांच लाख का इनाम घोषित किया गया है दीप्ति बहल के साथ ही बाइक बोट के दो अन्य डायरेक्टर भूदेव और विजेंद्र सिंह हुड्डा पर भी सरकार ने पांच-पांच लाख का इनाम घोषित किया हुआ है यह तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

बाइक बोट ऑफिस पर धरना दे रहे मुन्ना ने बताया कि वह 1 जून 2019 से दादरी थाना क्षेत्र के कोट गांव स्थित बाइक बोर्ड ऑफिस पर अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। यहां पर धरने की सुरुवात में उनके साथ हजारों लोग शामिल थे। लेकिन जब देश में कोविड 19 आया तो उसकी गाइडलाइन को देखते हुए वहां पर लोगों की संख्या कम कर दी गई तभी से लेकर अब तक 4 से 5 लोग अभी भी अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं और बीच-बीच में पूरे देश से पीड़ित वहां पर आते हैं और धरने में शामिल होते हैं।

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बाइक बोट के मास्टरमाइंड संजय भाटी सहित इसके कई डायरेक्टरों सहित अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पिछले कई सालों से वह जेल में है बाइक बोर्ड घोटाले की जांच आर्थिक अपराध शाखा मेरठ के द्वारा की जा रही है।

भारतीय सैनिकों के साथ हुआ घोटाला

बाइक बोट घोटाले के पीड़ित लोगों में लगभग 80% लोग भारतीय सेनाओं से रिटायर्ड है। बाइक बोट की शुरुआत में इसके कई डायरेक्टर सेना से रिटायर्ड थे उन्होंने लोगों को अपने विश्वास में लेकर बाइक बोट में निवेश कराया। पूरे देश से लाखों सैनिकों से बाइक बोट में निवेश कराया और निवेश के बाद ऑफिस बंद कर फरार हो गए। जिसके बाद पूरे देश में इनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए और पुलिस ने इसके मुख्य आरोपी संजय भाटी सहित कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

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