लखनऊ। आउटसोर्स के माध्यम से सरकारी विभागों में नौकरी पाने का सपना देख रहे युवाओं और वर्तमान में आउटसोर्स व्यवस्था के तहत कार्यरत करीब चार लाख कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का रजिस्ट्रेशन कंपनीज एक्ट के तहत करा दिया है, जिससे अब भर्ती प्रक्रिया और मानदेय वृद्धि का रास्ता साफ हो गया है।
प्रबंध निदेशक की नियुक्ति पूरी, जल्द शुरू होंगी गतिविधियां
शासन स्तर पर निगम को सक्रिय करने की दिशा में तेजी दिखाई जा रही है। निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में अमृता सोनी की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है। सचिवालय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मनीष चौहान के अनुसार कंपनीज एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसके बाद अब निगम को व्यावहारिक रूप से संचालित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
पिकप भवन में तैयार हो रहा निगम का कार्यालय
उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का कार्यालय लखनऊ स्थित पिकप भवन में तैयार किया जा रहा है। कार्यालय के व्यवस्थित होते ही निगम की सभी गतिविधियां यहीं से संचालित की जाएंगी। इसके बाद विभिन्न विभागों में आउटसोर्स के माध्यम से भर्तियां शुरू करने और कर्मचारियों को बढ़ा हुआ मानदेय दिलाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।
गैर-लाभकारी संस्था के रूप में होगा संचालन
सरकार की योजना के अनुसार आउटसोर्स सेवा निगम को गैर-लाभकारी संस्था के रूप में संचालित किया जाएगा। इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को पारदर्शी व्यवस्था, समय पर भुगतान और बेहतर कार्य स्थितियां उपलब्ध कराना है, जिससे लंबे समय से चली आ रही असमानताओं को दूर किया जा सके।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद शुरू हुई थी प्रक्रिया
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में दो सितंबर को हुई कैबिनेट बैठक में आउटसोर्स सेवा निगम के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद 20 सितंबर को इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया था।
भर्तियों और बढ़े मानदेय का लंबे समय से इंतजार
शासनादेश जारी होने के बाद से ही बेरोजगार युवा निगम के माध्यम से भर्तियां शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं विभिन्न सरकारी विभागों में आउटसोर्स पर कार्यरत लगभग चार लाख कर्मचारी भी बढ़े हुए मानदेय की उम्मीद लगाए बैठे थे। अब निगम के पंजीकरण के साथ ही उनके इंतजार के खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है।

