कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने लोगों की आंखें नम कर दी और इस घटना ने प्रशासन पर सवाल खड़े कर दिए. दरअसल कानपुर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब आईटीबीपी में तैनात एक जवान विकास सिंह अपनी मां का कटा हुआ हाथ लेकर न्याय की गुहार लगाने पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय पहुंच गया.
आईटीबीपी जवान विकास सिंह का आरोप है कि उनकी मां को सांस लेने में तकलीफ होने पर टाटमिल स्थित कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान अस्पताल के डॉक्टरों ने उनकी मां के हाथ में गलत तरीके से वीगो लगा दिया, जिसके कारण उनकी मां का हाथ काटना पड़ा. पीड़ित बेटे का कहना है कि उनकी मां को बस सांस लेने में दिक्कत थी, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी मां को हाथ गंवाना पड़ा है.
कृष्णा अस्पताल में कराया गया भर्ती
मिली जानकारी के अनुसार, फतेहपुर जिले के खागा हाथगाम निवासी विकास सिंह आईटीबीपी में जवान के पद पर तैनात हैं. विकास ने रोते हुए अधिकारियों को बताया कि उसकी मां बस सांस की बीमारी से पीड़ित थीं. अचानक 13 मई के दिन मां की तबीयत ज्यादा खराब हो गई, जिसके बाद एंबुलेंस उन्हें लेकर जिला अस्पताल के लिए रवाना हुई, लेकिन रास्ते में जाम और मां की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें आनन-फानन में टाटमिल स्थित कृष्णा अस्पताल में भर्ती कराया गया.
मां के हाथ में बढ़ा सूजन
विकास सिंह ने बताया कि अस्पताल में मां को ऑक्सीजन और वीगो (कैनुला) लगाया गया, जिसके बाद मां की हालत में थोड़ा सुधार आया. लेकिन अगले ही दिन मां की तबीयत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें पारस अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने ट्रीटमेंट के बाद उनकी मां की सांस की समस्या तो ठीक कर दी, लेकिन मां के हाथ में भयंकर सूजन और कालापन बढ़ने लगा. कृष्णा अस्पताल में जिस हाथ में वीगो लगाया गया था, उस हाथ में अचानक समस्या पैदा हो गई.
गलत तरीके से लगाया गया वीगो
डॉक्टरों ने विकास को बताया कि कृष्णा अस्पताल में गलत तरीके से वीगो लगा दिया गया था, जिसके कारण उनकी मां के एक हाथ में खतरनाक इंफेक्शन फैल चुका है. अगर तुरंत हाथ नहीं काटा गया, तो उनकी मां की जान जा सकती है. आखिर में विवश होकर डॉक्टरों ने 17 मई को उनकी मां का एक हाथ काट दिया. वहीं मां का हाथ कटने के बाद विकास सिंह न्याय की गुहार लगाने इधर-उधर भटकने लगे. उन्होंने आरोप लगाया कि कटे हाथ को बॉक्स में सुरक्षित रखकर वह स्थानीय पुलिस थाने और चिकित्सा अधिकारियों के पास पहुंचे, लेकिन अब तक गुनहगार अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई.
न्याय के लिए पहुंच गए पुलिस कमिश्नर कार्यालय
अब विकास अपनी मां के कटे हुए हाथ को लेकर सीधे पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे हैं. उन्होंने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है. घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
