CM योगी बोले- मौसम की सटीक जानकारी से बचेंगी फसलें और लोगों की जान

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र केंद्र राज्य में मौसम पूर्वानुमान, कृषि-मौसम परामर्श और प्राकृतिक आपदाओं के लिए अग्रिम चेतावनी सेवाओं को मजबूत करेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में तकनीक के उपयोग से लोगों को लाभ देने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। यही कारण है कि अब मौसम के अनुमान पहले से ज्यादा सटीक होते हैं। पहले भविष्यवाणी की जाती थी कि बारिश होगी, लेकिन नहीं होती थी पर अब मौसम संबंधी भविष्यवाणी ज्यादा सटीक होती है।

सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने मौसम केंद्र लखनऊ को क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) के रूप में उन्नत करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही लखनऊ केंद्र को उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का अधिकार क्षेत्र प्राप्त होगा। मौसम पूर्वानुमान और आपदा पूर्व चेतावनी सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

मौसम संबंधी घटनाओं के प्रति बेहतर तैयारी संभव

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को इसका औपचारिक उद्घाटन करते हुए कहा कि आरएमसी का दर्जा मिलने से गंगा के घनी आबादी वाले मैदानी क्षेत्रों और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में मौसम की निगरानी, सटीक पूर्वानुमान और समयबद्ध पूर्व चेतावनी सेवाओं को और मजबूती मिलेगी। इससे भारी बारिश, आंधी, बिजली गिरने और अन्य मौसम संबंधी घटनाओं के प्रति बेहतर तैयारी संभव हो सकेगी।

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने आकाशीय बिजली के और सटीक पूर्वानुमान के लिए यूपी में एक सैटेलाइट लगाने के लिए कहा। बोले, इसके लिए प्रदेश सरकार हर संभव मदद के लिए तैयार है। कुछ समय पहले प्रदेश में आंधी और बारिश से कई जानें गईं, जिसके बाद हमने एनडीआरएफ और मौसम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई कि कैसे ऐसी आपदा से लोगों को समय रहते आगाह किया जा सके।

मोबाइल पर अर्ली वार्निंग अलर्ट 

हाल ही में आंधी-बारिश के पहले लोगों के मोबाइल पर अर्ली वार्निंग अलर्ट के मैसेज आए , जिसके बाद सतर्कता से जान-माल बचाया गया। मुझे लगता है कि कई बार लोग मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से नहीं लेते हैं, जिसकी वजह से हादसे होते हैं। स्थानीय प्रशासन को भी जिम्मेवारी लेनी होगी। बारिश और वज्रपात को लेकर रेड अलर्ट होने पर बहुत एहतियात बरतनी चाहिए।

ऑटोमैटिक वेदर सिस्टम की संख्या 450 

उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में उत्तर प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर सिस्टम की संख्या 450 हो चुकी है और वेदर रडार भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिससे जन-धन हानि को रोकने में बड़ी मदद मिल रही है। अब प्राकृतिक आपदा आने से पहले लोगों के मोबाइल पर अर्ली वार्निंग अलर्ट के मैसेज आ जाते हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि अब मौसम के अनुमान पहले से ज्यादा सटीक होते हैं। पहले भविष्यवाणी की जाती थी कि बारिश होगी, लेकिन नहीं होती थी पर अब मौसम संबंधी भविष्यवाणी ज्यादा सटीक होती है। उन्होंने कहा कि अब अत्याधुनिक तकनीक को बेहतर करने से मौसम से संबंधित भविष्यवाणी सटीक होती है, जबकि पहले मौसम अनुमान गलत होते थे।

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मौसम अनुमान सटीक होने के कारणजन व धन हानि में कमी

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इससे विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जन व धन हानि में कमी आई है। उन्होंने बीते दिनों सहारनपुर का एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि क्षेत्र के शांकुबरी मंदिर में लोग कीर्तन कर रहे थे। काफी भीड़ थी, लेकिन मौसम अनुमान सटीक होने के कारण भारी बारिश का अलर्ट मिला और वहां मौजूद लोगों को हटा दिया गया जिससे कि जनहानि होने से बच गई। शिवालिक की पहाड़ियों पर बारिश होने ने नीचे के स्थानों पर बाढ़ जैसा माहौल हो जाता था, इससे लोगों को मुश्किल होती थी। कई बार ये स्थानीय लोगों के लिए आपदा बन जाता था पर अब तकनीक के बेहतर उपयोग से होने वाली जन धन हानि को कम कर लिया गया है।

पंचांग की गणनाओं को आधार बनाकर मौसम की भविष्यवाणी

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्राचीन काल से ही जब से मनुष्य ने अपनी बुद्धिमत्ता का प्रयोग करना शुरू किया तब से मौसम के अनुमान को लेकर प्रयासरत रहा है। पहले पंचांग की गणनाओं को आधार बनाकर मौसम की भविष्यवाणी की जाती थी। लोक परंपरा व लोक कहावतों में लोग अनुमान लगाया करते थे कि एक खास चिड़िया ये बोली बोल रही है अब ऐसा मौसम आने वाला है। अब मौसम विभाग की मदद से हमें पहले जानकारी मिल जाती है।

उन्होंने कहा कि लखनऊ मौसम विज्ञान केन्द्र को क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र में परिवर्तित करने से यह प्रमुख क्षेत्रीय केंद्र के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा। यह विकसित भारत की संकल्पना को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उत्तर प्रदेश में अब तक 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन तथा ब्लॉक स्तर पर 2,000 ऑटोमेटिक रेन गेज स्थापित किए जा चुके हैं।

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आजमगढ़, वाराणसी, अलीगढ़, झांसी और लखनऊ जैसे जनपदों में X-Band Doppler Weather Radar विभिन्न चरणों में स्थापित किए जा रहे हैं। ये रडार आंधी, तूफान, भारी वर्षा और ओलावृष्टि जैसी घटनाओं की निगरानी में हमारी मदद करेंगे। उत्तर प्रदेश में हमने 450 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन तथा ब्लॉक स्तर पर 2,000 ऑटोमेटिक रेनगेज सिस्टम स्थापित किए हैं, जिनके माध्यम से अन्नदाता किसानों को मौसम और वर्षा संबंधी सटीक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम केंद्र प्रारंभ होने से उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य को काफी लाभ मिलेगा। नया केंद्र मौसम निगरानी, डेटा विश्लेषण और चेतावनी तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया।

मौसम चक्र में एक माह का बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा, जिस तरह से लोग प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं, उसका दुष्प्रभाव दिखना शुरू हो गया है। मौसम चक्र में एक माह का बदलाव देखने को मिला है। कहीं अत्यधिक वर्षा होती है तो कई इलाके पानी के लिए तरसते हैं। हमें आगे बढ़कर जिम्मेदारी निभानी होगी और प्रकृति के बचाव के लिए हर संभव प्रयास करना होगा।

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