लखनऊ: 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले में योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है। दाखिल किए गए हलफनामे में बताया गया है कि मौजूदा शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रहेगी और किसी की भी नौकरी नहीं जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए गए हलफनामे में सरकार ने साफ किया है कि 2020 में भर्ती हो चुके 67 हजार 867 शिक्षकों की नियुक्तियों पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। अगर हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार तैयार की गई रिवाइज्ड मेरिट लिस्ट में नए उम्मीदवार योग्य पाए जाते हैं तो उन्हें उपलब्ध खाली पदों पर नियुक्त किया जाएगा। साथ ही 8270 अभ्यर्थियों की संशोधित सूची कोर्ट में दी है। ये वह अभ्यर्थी हैं, जो अभी नौकरी में नहीं हैं। सरकार ने कोर्ट में साफ किया कि पिछली सूची में 4926 अभ्यर्थी ऐसे हैं, जिन्होंने कार्यभार ग्रहण नहीं किया था। ऐसे में इन्हें भी संशोधित मेरिट सूची में शामिल किया जाए।
क्या है पूरा मामला
यूपी सरकार ने 1 दिसंबर 2018 को 69 हजार शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया। 6 जनवरी 2019 में परीक्षा आयोजित की गई। इसके अगले दिन कटऑफ तय की गई, जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 65 फीसदी और आरक्षित वर्ग के लिए 60 फीसदी रखा गया। इसके बाद मामला हाई कोर्ट और फिर 18 नवंबर 2020 को सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट ने कटऑफ को सही ठहराया। 1 जून 2020 को सरकार ने 67 हजार 867 अभ्यर्थियों की पहली चयन सूची जारी की। एसटी वर्ग के 1133 पद योग्य उम्मीदवार न मिलने से खाली रह गए। इसके बाद फिर मामला कोर्ट पहुंचा। एससी, एसटी और ओबीसी के उम्मीदवार, जो सामान्य कटऑफ पार कर अनारक्षित श्रेणी में जगह बनाई, उन्होंने आरोप लगाया कि उनको अनारक्षित सीटों पर सही स्थान नहीं मिला।
वहीं, दूसरी तरफ दलील दी गई कि जिन आरक्षित अभ्यर्थियों को टीईटी या एटीआरई परीक्षा में 5 फीसदी अंक छूट का लाभ लिया है, उनको जनरल कैटेगरी में माइग्रेट नहीं किया जाना चाहिए। 5 जनवरी 2022 को 6800 अतिरिक्त अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई। जिस पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी थी। 13 मार्च 2023 को सिंगल बेंच ने कहा कि 60 फीसदी से 65 फीसदी के बीच अंक पाने वाले आरक्षित उम्मीदवारों को जनरल माइग्रेशन का लाभ नहीं मिलेगा।
1 जून 2020 की लिस्ट में संशोधन करने और 6800 अभ्यर्थियों की दूसरी लिस्ट रद्द करने का आदेश दिया। 13 अगस्त 2024 को डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच का आदेश पलट दिया। सिंगल बेंच ने 69 हजार शिक्षक भर्ती की नई मेरिट लिस्ट जारी करने का आदेश दिया। 9 सितंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने दोबारा समीक्षा की और हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप संशोधित मेरिट सूची तैयार की। अब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया है
