बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को दिल्ली हाई कोर्ट में बड़ी जीत मिली है। अदालत ने सोमवार को फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के टीजर को सोशल मीडिया और इंटरनेट के तमाम प्लेटफॉर्म से हटाने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं, अदालत ने फिल्म प्रोड्यूसर अमित जानी को कड़ी फटकार भी लगाई है। जस्टिस ज्योति सिंह की अदालत ने दो टूक शब्दों में कहा कि आरोपी हर दिन अपनी सीमाएं पार कर रहा है और खुद को कानून से ऊपर समझ रहा है। अदालत ने इसके साथ ही आदेश दिए कि 24 घंटे के अंदर X, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे तमाम प्लेटफॉर्म से टीजर के लिंक हटाए जाएं।
सलमान खान ने फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी’ के मेकर्स के खिलाफ, पर्सनालिटी राइट्स और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार की सुरक्षा के लिए याचिका दायर की थी। एक्टर का आरोप है कि फिल्म में उन्हें अंडरवर्ल्ड से जुड़ा दिखाकर उनकी छवि खराब की जा रही है। सलमान के वकील ने कोर्ट में दोहराया कि यह फिल्म 1998 के काले हिरण के शिकार मामले पर आधारित है और इसमें एक्टर को बदनाम करने वाले तरीके से दिखाया गया है।
यह किस तरह का कंटेंट है? ऐसा लगता है कि पिछली बार कोई आदेश न मिलने से आपका हौसला बढ़ गया है। आपके क्लाइंट को लगता है कि वह कानून से ऊपर है।
जस्टिस ज्योति सिंह, दिल्ली हाई कोर्ट
कोर्ट ने फटकारा- प्रोड्यूसर कानून से ऊपर नहीं है
‘बार एंड बेंच’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी के व्यवहार की कड़ी आलोचना की। कोर्ट ने माना कि टीजर और उससे जुड़ा कंटेंट सलमान खान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहा है। जस्टिस ज्योति सिंह ने अमित जानी के वकील को फटकार लगाते हुए कहा, ‘यह किस तरह का कंटेंट है? ऐसा लगता है कि पिछली बार कोई आदेश न मिलने से आपका हौसला बढ़ गया है। आपके क्लाइंट को लगता है कि वह कानून से ऊपर है।’
मैंने आपके साथ नरमी बरती थी, लेकिन आप सुधरने वाले नहीं हैं… आप एक आम आदमी के साथ भी ऐसा नहीं कर सकते।
जस्टिस ज्योति सिंह, दिल्ली हाई कोर्ट
जज बोलीं- मैंने आपके साथ नरमी बरती थी, लेकिन आप सुधरने वाले नहीं हैं…
कोर्ट ने आगे अमित जानी द्वारा सोशल मीडिया पर लगातार अनर्गल बयानबाजी पर भी दो टूक फटकार लगाई। जस्टिस सिंह ने कहा, ‘वह दिन-ब-दिन और बुरा होता जा रहा है… हर मिनट जब यह पब्लिक डोमेन में रहता है, तो यह वादी (सलमान खान) की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है। मैंने आपके साथ नरमी बरती थी, लेकिन आप सुधरने वाले नहीं हैं… आप एक आम आदमी के साथ भी ऐसा नहीं कर सकते। एक आम आदमी के लिए भी इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता।’
ऐसी घटनाओं को दिखाना जो अभी भी अदालत में लंबित हैं, कोर्ट की अवमानना हो सकती है। प्रतिष्ठा बहुत मेहनत से बनती है। यह एक बार चली जाए, तो चली जाती है।
जस्टिस ज्योति सिंह, दिल्ली हाई कोर्ट
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा- इसे चलाया जाना किसी न किसी का नुकसान
दिल्ली हाई कोर्ट में टीजर देखने के बाद जस्टिस सिंह ने यह भी कहा, ‘ऐसी घटनाओं को दिखाना जो अभी भी अदालत में लंबित हैं, कोर्ट की अवमानना हो सकती है। प्रतिष्ठा बहुत मेहनत से बनती है। यह एक बार चली जाए, तो चली जाती है। अगर इसे 24 घंटे के लिए भी चलाया जाता है, तो किसी न किसी को नुकसान होता है।’
सलमान खान ने ‘काला हिरण’ फिल्म मेकर्स पर क्या आरोप लगाए?
जानकारी के लिए बता दें कि सलमान खान ने अपनी याचिका में पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग की। उनका आरोप है कि ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ 1998 के काले हिरण के शिकार मामले पर आधारित है, जिसकी कार्यवाही अभी भी राजस्थान हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। एक्टर के मुताबिक, फिल्म में उन्हें गलत तरीके से अंडरवर्ल्ड से जुड़ा हुआ दिखाया गया है। पोस्टर और टीजर में एक ऐसा किरदार है जो काफी हद तक उनके जैसा दिखता है और उसने वही ब्रेसलेट पहना है जो एक्टर पहनते हैं। सलमान खान ने तर्क दिया कि फिल्म निष्पक्ष सुनवाई के उनके अधिकार का उल्लंघन करती है, क्योंकि आपराधिक कार्यवाही अभी भी विचाराधीन है।
अमित जानी ने वीडयो शेयर कर फाड़ा था लीगल नोटिस
सलमान खान की याचिका में मीडिया रिपोर्ट्स और प्रोड्यूसर अमित जानी के कथित बयानों का भी जिक्र है, जिनमें दावा किया गया है कि इनसे कोई शक नहीं रह जाता कि फिल्म काले हिरण मामले पर आधारित है। एक्टर ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने फिल्म बनाने वालों को कानूनी नोटिस भेजा, तो प्रोड्यूसर ने एक वीडियो शेयर कर वह नोटिस फाड़ दिया और बाद में X पर पोस्ट करके आरोप लगाया कि उन्हें सलमान खान और अंडरवर्ल्ड से धमकियां मिल रही हैं।
हाई कोर्ट में वकीलों की दलील
दूसरी ओर, प्रोड्यूसर अमित जानी की तरफ से पेश वकील ने दलील दी कि न तो ‘काला हिरण’ के टीजर और न ही फिल्म में सलमान खान का नाम लिया गया है। यह भी कि फिल्म में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस या डीपफेक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भी नहीं किया गया है। वकील ने कहा, ‘यह सिर्फ एक टीजर है, इससे उनकी पर्सनैलिटी का उल्लंघन कैसे हो रहा है?’ इस पर सलमान खान के वकील ने दलील दी, ‘क्या मुझे निष्पक्ष सुनवाई का अधिकार नहीं है? पूरे समुदाय को मेरे खिलाफ खड़ा किया जा रहा है। एक्टर को चार आपराधिक मामलों में से तीन में पहले ही बरी किया जा चुका है, जबकि बाकी बचे मामले में सजा पर रोक लगा दी गई है।’
कोर्ट ने गूगल और मेटा से कहा- जिम्मेदारी आपकी भी है
सुनवाई के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने मेटा और Google की दलीलें भी सुनीं, जिनके वकीलों ने कहा कि इंटरनेट इंटरमीडियरीज पर पब्लिकेशन से पहले रोक (प्री-पब्लिकेशन इंजेक्शन) नहीं लगाई जा सकती। हालांकि, जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की भी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने कहा, ‘प्लेटफॉर्म के मालिक होने के नाते, मुझे आप पर कहीं न कहीं कुछ जिम्मेदारी तो तय करनी ही होगी।’
