नलगोंडा: तेलंगाना के नलगोंडा में पुलिस ने अपने स्कूल प्रिंसिपल की कथित तौर पर बेरहमी से हत्या करने के आरोप में दो नाबालिगों (10वीं कक्षा के छात्र) को पकड़ा है.
नालगोंडा के पुलिस सुपरिटेंडेंट शरत चंद्र पवार ने बताया कि पुलिस ने हिस्ट्री-शीटर समेत 80 लोगों की जांच-पड़ताल के बाद इन नाबालिगों की पहचान की. पीड़िता रूपा रेड्डी, नालगोंडा जिले के कोंडामाल्लेपल्ली मंडल सेंटर में जेबी कॉलोनी स्थित नागार्जुन पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल थीं.
वह अपने पति राजेंद्र रेड्डी के साथ जेबी कॉलोनी में रहती थीं. रूपा के बेटे अभिनव हैदराबाद में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं और यह दंपत्ति अक्सर उनसे मिलने राज्य की राजधानी जाया करता था. हाल ही में लगातार तीन दिन की छुट्टी होने के कारण रूपा अपने पति के साथ हैदराबाद गई थीं. हैदराबाद में कुछ काम होने के कारण उनके पति वहीं रुक गए, जबकि रूपा 11 अगस्त की सुबह अकेले कोंडामाल्लेपल्ली लौट आईं.
एसपी ने बताया कि दोनों छात्रों ने रूपा को लूटने की योजना बनाई थी और इसकी तैयारी उन्होंने पांच दिन पहले ही कर ली थी. उन्होंने कहा, ‘आरोपियों को लगा था कि रूपा के घर पर कैश होगा क्योंकि यह वह समय था जब छात्रों से स्कूल की फीस ली जाती है.’ हालांकि, जब आरोपी रूपा के घर में घुसे तो उसने उन्हें पहचान लिया. इसके बाद उन्होंने उसे 27 बार चाकू मारा और घर में रखा कैश और एक मोबाइल फोन लेकर भाग गए.
इस हत्या से नलगोंडा में सनसनी फैल गई और मामले को सुलझाने के लिए पुलिस की पांच टीमें बनाई गई. टीमों ने यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या हमलावर आदतन अपराधी थे और इस दौरान इलाके में लगे करीब 70 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की. पवार ने बताया कि हत्या के बाद स्कूल चार दिनों के लिए बंद कर दिया गया था.
टीमों ने उन 13 छात्रों के बारे में पूछताछ की जो स्कूल खुलने के बाद से स्कूल नहीं आए थे. उनमें 10वीं कक्षा के पांच छात्र शामिल थे. खबर मिली थी कि उनमें से दो हाल ही में बहुत आलीशान ज़िंदगी जी रहे थे. जब उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, तो मामला सामने आया. आरोपियों में से एक के पास से करीब 1.54 लाख रुपये नकद और एक आईफोन जब्त किया गया. जब उनसे जब्त किए गए नोटों पर खून के धब्बे देखे गए और उन्हें लैब भेजा गया, तो पता चला कि वह इंसानी खून था, उन्होंने कहा.
आरोपियों में से एक स्कूल के हॉस्टल में रहता था. इससे पहले जब उसके बैग में कुछ पैसे और एक सेलफोन मिला था, तो रूपा और स्कूल के दूसरे टीचरों ने उसे डांटा था और हॉस्टल खाली करवा दिया था. उस समय उसे उसके माता-पिता के सामने डांटा गया था, जिसकी वजह से उसके मन में प्रिंसिपल के खिलाफ नाराजगी पैदा हो गई थी,’ पवार ने कहा.
उन्होंने कहा कि आरोपियों को शराब और बाइक का शौक है. एसपी ने बताया, ‘वे एक महीने पहले गोवा घूमने गए थे. किसी तरह पैसे कमाने की उम्मीद में उन्होंने पांच दिन पहले ही रूपा रेड्डी के घर में डकैती की योजना बनाई थी. उन्होंने आस-पास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की और डकैती का समय तय किया.’
पवार ने कहा, ’11 अगस्त को स्कूल से लौटने के बाद, दोनों आरोपी एक साथ प्रिंसिपल के घर गए. उनमें से एक ने मास्क पहना हुआ था और वह दीवार फांदकर अंदर चला गया लेकिन इस दौरान उसका मास्क उतर गया और प्रिंसिपल ने उसे पहचान लिया, जिसके बाद उसने उनकी हत्या कर दी. चूंकि आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए हम उन्हें जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड भेजेंगे.’
नाबालिगों ने चाकू, दस्ताने, मास्क और एक मोबाइल फोन प्रिंसिपल के घर के पास झाड़ियों में फेंक दिया था. भागने से पहले उन्होंने अपनी हुडी भी उतार दी और साफ कपड़े पहन लिए.
