संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ओमिक्रोन-3 स्थित मिग्सन अल्टिमो सोसाइटी में दूषित पानी की शिकायत मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जल गुणवत्ता की जांच कराई। प्रारंभिक जांच में प्राधिकरण के नलकूप से सप्लाई होने वाले पानी का टीडीएस (टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स) स्तर 200 पाया गया, जो निर्धारित मानक 500 (अधिकतम) से काफी कम है। जांच के बाद प्राधिकरण ने आशंका जताई है कि समस्या सोसाइटी के आंतरिक जलापूर्ति नेटवर्क में हो सकती है।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एनजी रवि कुमार के निर्देश पर जल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। जांच दल में वरिष्ठ प्रबंधक जल चेतराम सिंह, प्रबंधक स्वतंत्र वर्मा और सहायक प्रबंधक गौरव बघेल शामिल रहे। टीम ने सोसाइटी के पास स्थित प्राधिकरण के नलकूप से पानी के नमूने लेकर मौके पर प्राथमिक जांच की, जिसमें पानी की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई। इसके साथ ही विस्तृत परीक्षण के लिए पानी के सैंपल श्रीराम टेस्ट लैब भी भेजे गए हैं, ताकि अन्य सभी मानकों की भी वैज्ञानिक जांच की जा सके।
जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि प्राधिकरण द्वारा सोसाइटी के जल टैंक तक स्वच्छ पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि सोसाइटी के अंदर की पाइपलाइन और जल वितरण प्रणाली का संचालन एवं रखरखाव बिल्डर अथवा सोसाइटी प्रबंधन की जिम्मेदारी है। इसी आधार पर टीम ने संभावना जताई कि दूषित पानी की शिकायत आंतरिक पाइपलाइन, टैंक या वितरण नेटवर्क में किसी तकनीकी खामी के कारण हो सकती है।
प्राधिकरण के जल विभाग ने सोसाइटी प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए जल टैंक की तत्काल सफाई, पूरी पाइपलाइन की तकनीकी जांच और आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कहा है कि शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। पानी की गुणवत्ता को लेकर किसी भी शिकायत पर तत्काल जांच कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और मानक अनुरूप पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
