आकाश आनंद फिर शंट, मायावती ने तीसरी बार पद से हटाया, भतीजे ने खुद को बसपा वर्कर बताया

Sanchar Now
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लखनऊ : यूपी चुनाव 2027 से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है. बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को लेकर बड़ा बयान दिया है. मायावती ने कहा कि आकाश आनंद अभी मैच्योर नहीं हुए हैं और उन्हें अभी परिपक्व होने की जरूरत है. जब तक वह पूरी तरह परिपक्व नहीं हो जाते, तब तक उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. उधर, आकाश ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स बायो बदल दिया है और खुद को केवल पार्टी वर्कर और बाबा साहेब के सपनों का युवा समर्थक बताया है. इससे साफ है कि उनसे बुआ मायावती ने नेशनल कॉर्डिनेटर पद की जिम्‍मेदारी छीन ली है.

गौर करने वाली बात ये भी है कि आकाश आनंद आज की बैठक में मौजूद भी नहीं थे. यह पार्टी की ऑल इंडिया समीक्षा बैठक थी, जिसमें पार्टी सुप्रीमो की तरफ से पहले दिए गए कामों की समीक्षा की गई. साथ ही उनकी कमियों को दूर करने और हर साल होने वाले कामों के बारे में पार्टी के छोटे बड़े पदाधिकारियों को जरूरी दिशानिर्देश भी दिए जाने थे.

कांशीराम का क्‍या उदाहरण दिया

इस बैठक के बाद उन्होंने कहा कि बीएसपी डा. भीमराव आंबेडकर के ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के आदर्श सिद्धान्तों व उच्च आदर्शों को लेकर चलने वाली उनके ‘आत्म-सम्मान व स्वाभिमान’ के कारवां को सत्ता की मंजिल तक पहुंचाने के उद्देश्यों की पूर्ति हेतु समर्पित पार्टी एवं मूवमेन्ट है. इसको लेकर मान्यवर कांशीराम ने उच्च वैज्ञानिक पद की अपनी सरकारी नौकरी भी छोड़ दी थी और फिर अपने मां-बाप का घर, परिवार, रिश्तों-नाते ये सब कुछ त्यागकर अपना पूरा जीवन कड़ा संघर्ष करते रहे और मुझे भी ख़ासकर शोषितों को जागरुक करने के लिए देश के कोने-कोने में भेजकर इस योग्य बनाया कि मैं, उन्हीं के नक्शेकदम पर चलते हुए उनके अधूरे रहे कारवां को आगे बढ़ाने की पूरी त्याग व तपस्या में लगी रहूं. उन्होंने मुझे बीएसपी पार्टी व बहुजन मूवमेन्ट का राजनीतिक उत्तराधिकारी भी बनाया और मैंने भी उनके जीते-जी ही काफी हद तक अच्छा रिज़ल्ट लाकर भी दिखाया है.

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पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि बहुजन समाज पार्टी के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर कांशीराम के संकल्प व समर्पण की तरह ही मेरे लिए भी ‘बहुजन समाज’ का हित, कल्याण व उसकी अस्मिता यानि बीएसपी पार्टी व मूवमेन्ट द्वारा ‘शोषित वर्ग को शासक वर्ग’ बनाने का मिशनरी लक्ष्य सर्वोपरि है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निजी तौर पर मेरा ना तो कोई अपना है और ना ही पराया. जो भी बीएसपी व बहुजनों के हित के काम करेगा उसका स्वागत व आभार भी है.

आकाश आनंद को अभी और परिपक्‍व होने की जरूरत

उन्‍होंने आगे कहा कि इसीलिए जिस तरह मान्यवर कांशीराम ने अपने परिवार के लोगों व अन्य रिश्तों-नातों आदि को पार्टी कार्य में सहयोग करने की छूट तो दे दी थी, लेकिन उन्हें चुनाव लड़ाने या सरकार बनने पर कोई भी पद आदि देने के वे खिलाफ थे. उसी तरह से उस संकल्प पर मैं भी पूरी तरह से कायम हूं. जिस पर अमल करते हुए ही मैंने आकाश आनंद को पार्टी में काम करने की तो इनको इजाजत दी है, जो हकीकत आप सभी लोगों के सामने है, लेकिन इस मामले में आकाश आनन्द को अभी और अधिक परिपक्व/ मैच्योर होने की जरुरत है. तब तक इनको पार्टी की अभी बड़ी जिम्मेवारी देना उचित नहीं होगा, जोकि विरोधियों के साम, दाम, दंड, भेद आदि हथकण्डों को इस्तेमाल करके चुनाव में नुकसान पहुंचाने से बचने के लिए भी समय की जरूरत है.

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