आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang), 29 जुलाई 2025 : सावन शुक्ल नागपंचमी, जानें मुहूर्त और राहुकाल का समय

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आज यानी 29 जुलाई को नाग पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन सर्पों की पूजा के लिए समर्पित होता है। इस शुभ अवसर पर भक्त सर्पों की पूजा-अर्चना करते हैं। इससे जीवन के सभी दुख दूर होते हैं और शुभ फल की प्राप्ति होती है। नाग पंचमी के दिन कई शुभ और अशुभ (Nag Panchami 2025 Shubh Yoga) योग बन रहे हैं। ऐसे में आइए जानते हैं नाग पंचमी का पंचांग (Aaj ka Panchang 29 July 2025) और पूजा विधि (Nag Panchami Puja Vidhi) के बारे में।

तिथि: शुक्ल पंचमी

मास पूर्णिमांत: सावन (श्रावन)

दिन: मंगलवार

संवत्: 2082

तिथि: 30 जुलाई को पंचमी रात्रि 12 बजकर 46 मिनट तक

योग: 30 जुलाई को शिव रात्रि 03 बजकर 05 मिनट तक

करण: बव दोपहर 12 बजे तक

करण: 30 जुलाई को बालव रात्रि 12 बजकर 46 मिनट तक

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय

सूर्योदय: सुबह 05 बजकर 41 मिनट पर

सूर्यास्त: शाम 07 बजकर 14 मिनट पर

चंद्रमा का उदय: सुबह 09 बजकर 50 मिनट पर

चन्द्रास्त: रात 10 बजकर 01 मिनट पर

सूर्य राशि: कर्क

चंद्र राशि: कन्या

पक्ष: शुक्ल

शुभ समय अवधि

अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 से 12 बजकर 55 मिनट तक

अमृत काल: प्रातः 11 बजकर 42 मिनट से दोपहर 01 बजकर 25 मिनट तक

अशुभ समय अवधि

राहुकाल: सायं 03 बजकर 51 मिनट से 05 बजकर 32 मिनट तक

गुलिक काल: दोपहर 12 बजकर 27 से 02 बजकर 09 मिनट तक

यमगण्ड काल: सुबह 09 बजकर 04 से 10 बजकर 46 मिनट तक

आज का नक्षत्र

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आज चंद्रदेव उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे..

उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र: सायं 07 बजकर 27 मिनट तक

सामान्य विशेषताएं: विनम्र, व्यवहारिक, परिश्रमी, बुद्धिमान, भरोसेमंद, मित्रवत, उदार, सच्चे दिल वाले, क्रोधी, दिखावा पसंद, अध्ययनशील और मेहनती।

नक्षत्र स्वामी: सूर्य

राशि स्वामी: सूर्य, बुध

देवता: आर्यमन (मित्रता के देवता)

प्रतीक: बिस्तर

नाग पंचमी 2025

सावन (श्रावण) मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाने वाला नाग पंचमी हिंदू धर्म का एक पवित्र और पारंपरिक पर्व है। यह दिन सर्पों की पूजा के लिए समर्पित होता है, जिन्हें धर्मग्रंथों में दिव्य और शक्तिशाली प्राणी माना गया है। विशेष रूप से भगवान शिव के गले में विराजमान नागराज वासुकी की पूजा इस दिन विशेष रूप से की जाती है। इस वर्ष नाग पंचमी का पर्व आज यानी 29 जुलाई को मनाया जा रहा है।

पंचमी अवधि-

पंचमी तिथि प्रारंभ – 28 जुलाई 2025 को रात्रि 11 बजकर 24 मिनट तक

पंचमी तिथि समाप्त – 30 जुलाई 2025 को रात्रि 12 बजकर 46 मिनट तक

पूजा विधि:

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • घर के मुख्य द्वार, आँगन या मंदिर में नाग देवता की चित्र या मिट्टी की मूर्ति रखें।
  • दूध, कुशा, दूर्वा, अक्षत, चंदन, पुष्प और लड्डू अर्पित करें।
  • “ॐ नागाय नमः” मंत्र का जप करें और नाग देवता से परिवार की रक्षा की प्रार्थना करें।
  • इस दिन व्रत रखकर सर्पों (सांप) को दूध पिलाना और नाग मंदिरों में पूजा करना शुभ माना जाता है।

नाग पंचमी केवल पूजा का पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति और जीवों के साथ संतुलन का प्रतीक भी है। यह हमें बताता है कि सभी प्राणी चाहे भयावह लगें या न लगें। इस सृष्टि का हिस्सा हैं और उन्हें आदर व संरक्षण देना हमारा धर्म है।

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