संचार नाउ। भारतीय जनता पार्टी शिक्षक प्रकोष्ठ उत्तर प्रदेश के द्वारा सोमवार को ग्रेटर नोएडा में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमे उत्तर प्रदेश के बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों (CWSN), अनुदेशकों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में कार्यरत वार्डन, पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षकों तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना से जुड़े कर्मियों और उनके आश्रित परिवारजनों को अब कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। इस प्रेस वार्ता के दौरान शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक श्री चंद शर्मा भाजपा के जिला अध्यक्ष को अभिषेक शर्मा, राहुल पंडित, कर्मवीर आर्य, वीरेंद्र भाटी, धर्मवीर शर्मा, प्रवीण शर्मा, जसवीर सिंह, यशवीर नागर व मनवीर नागर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक व मेरठ सहारनपुर मंडल शिक्षक सीट से विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा ने बताया कि लंबे समय से शिक्षकों की यह मांग थी कि सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में भी उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने से प्रदेश के लगभग 15 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलेगा और सरकार पर लगभग 400 करोड़ रुपये का वार्षिक व्यय अनुमानित है। यह योजना स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज के माध्यम से लागू की जाएगी।
इसके साथ ही एमएलसी श्रीचंद शर्मा ने कहा कि यूजीसी में पहले कुछ खामियां थीं, जिन पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई थी। अब उन कमियों को दूर कर दोबारा सही रूप में प्रस्ताव पेश किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्रीय बजट में गौतम बुद्ध नगर के लिए भी कई योजनाओं की घोषणा की गई है। साथ ही प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाए जाने का प्रावधान किया जाएगा, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में बड़ी राहत मिलेगी। भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ ने इस निर्णय के लिए सरकार का आभार जताते हुए कहा कि यह कदम शिक्षा जगत से जुड़े लोगों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से राहत देगा।

