संत प्रेमानंद के 25 वर्षीय शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद निष्पक्ष जांच की मांग तेज होती जा रही है। सोमवार को श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी ने डीएम को पत्र भेजकर संत प्रेमानंद की किडनी की सरकारी जांच कराने की मांग की है।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने पत्र में वृंदावन स्थित श्री राधा केली कुंज आश्रम से जुड़े मामलों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने साल 2024 में उठाए गए सवालों को भी वर्तमान घटनाक्रम में शामिल करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि जुलाई 2024 में तत्कालीन जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अनिरुद्ध कुमार पांडे उर्फ संत प्रेमानंद की किडनी खराब होने के दावे की सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की थी। इसके साथ ही आश्रम से संबंधित करोड़ों की संपत्ति, वाहनों की जांच और सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण की शिकायत की गई थी।
उनका कहना है कि वह किसी व्यक्ति को बिना जांच दोषी ठहराने की मांग नहीं कर रहे हैं। पत्र में दीपक लोधी की मृत्यु से जुड़े शव परीक्षण, चिकित्सकीय, विधिविज्ञान, सीसीटीवी, मोबाइल और अन्य साक्ष्यों की विशेषज्ञ जांच कराने की मांग की गई है। इसके अलावा आश्रम से जुड़े पूर्व विवादों, उत्पीड़न और धमकी की शिकायतों की जांच कराने की मांग की गई है।
