संचार नाउ। भारतीय किसान यूनियन बलराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने किसान नेताओं की जांच के नाम पर कथित उत्पीड़न और दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। ग्रेटर नोएडा के अल्फा फर्स्ट स्थित सी-ब्लॉक, जर्नलिस्ट प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
दरअसल, बलराज भाटी ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में कुछ किसान नेताओं के घर पुलिस भेजकर उनके परिवार के सदस्यों की जानकारी, बैंक खातों, पैन कार्ड, आधार कार्ड और अन्य व्यक्तिगत विवरण जुटाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई वास्तविक शिकायत या आपराधिक मामला है तो कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच के नाम पर दबाव बनाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसान नेता किसानों, मजदूरों और आम जनता की समस्याओं को सरकार और अधिकारियों तक पहुंचाने का काम करते हैं। भ्रष्टाचार, अधिकारियों की कथित मनमानी और किसानों की समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है।
बलराज भाटी ने मांग की कि यदि किसान नेताओं की जांच हो रही है तो किसानों के उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों से घिरे अधिकारियों और कर्मचारियों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने मेरठ में किसान नेताओं के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला उठाते हुए संबंधित अधिकारी अविनाश पांडे के खिलाफ भी जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं का कथित उत्पीड़न जारी रहा तथा किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो भारतीय किसान यूनियन बलराज प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर लोकतांत्रिक आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी। संगठन संविधान और कानून के दायरे में रहकर किसानों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने की बात कही।
