नोएडा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद नोएडा के छिजारसी डूब क्षेत्र में बिजली चोरी और अवैध कनेक्शन के खिलाफ बिजली विभाग ने बड़ा अभियान चलाया। पुलिस की मौजूदगी में हुई कार्रवाई के दौरान करीब 3 हजार अवैध बिजली कनेक्शन काटे गए, जबकि 19 लोगों के खिलाफ विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। कार्रवाई के दौरान बिजली आपूर्ति में इस्तेमाल किए जा रहे 10 ट्रांसफार्मर जब्त किए गए और चोटपुर कॉलोनी समेत कई इलाकों से अवैध तार हटाए गए।
सीएम की फटकार के बाद हरकत में आया विभाग
हरनंदी नदी के किनारे छिजारसी के डूब क्षेत्र में लंबे समय से अवैध तरीके से बिजली आपूर्ति और वसूली का मामला सामने आया था। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के सीईओ मनोज कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मामले की जानकारी दी थी।
बताया गया था कि छिजारसी के डूब इलाके में करीब 13 हजार घरों में अवैध तरीके से बिजली का इस्तेमाल हो रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने यूपी पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन आशीष गोयल से जवाब मांगा था। इसके बाद बिजली विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर इलाके में कार्रवाई शुरू की।
3 हजार अवैध कनेक्शन काटे, 19 पर मुकदमा
अभियान के दौरान बिजली विभाग की टीम ने डूब क्षेत्र में करीब 3 हजार अवैध कनेक्शन काट दिए। बिजली चोरी और अवैध कनेक्शन के मामले में 19 लोगों के खिलाफ विजिलेंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
इसके अलावा अधिकारियों ने कथित तौर पर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ संबंधित थानों में भी शिकायत दी है। विभाग की कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए लगाए गए 10 ट्रांसफार्मर भी जब्त किए गए। चोटपुर कॉलोनी में बिजली आपूर्ति के लिए बिछाए गए अवैध तारों को भी हटाया गया।
सालों से चल रहा था अवैध बिजली का नेटवर्क
बताया जा रहा है कि हरनंदी किनारे छिजारसी के डूब क्षेत्र में वर्ष 2017 से अवैध तरीके से बिजली आपूर्ति का नेटवर्क चल रहा था। आरोप है कि प्रशासन और बिजली विभाग की अनदेखी के बीच बड़ी संख्या में घरों को बिना वैध कनेक्शन बिजली दी जा रही थी।
इस व्यवस्था के जरिए हर महीने करीब 1.5 से 1.8 करोड़ रुपये की बिजली चोरी और अवैध वसूली किए जाने का अनुमान सामने आया था।
अवैध नेटवर्क में कथित तौर पर निजी स्तर पर खंभे, तार और ट्रांसफार्मर लगाकर घरों तक बिजली पहुंचाई जा रही थी।
कई कॉलोनियों में फैला था नेटवर्क
मामला सिर्फ छिजारसी तक सीमित नहीं बताया गया है। छिजारसी, बहलोलपुर, गढ़ी चौखंडी, सोहरखा समेत कई गांवों की 40 से अधिक कॉलोनियों में अवैध बिजली आपूर्ति और वसूली का नेटवर्क होने की बात सामने आई है।
बताया गया है कि इन इलाकों में कुल मिलाकर करीब 60 हजार घरों से हर महीने लगभग 5.5 करोड़ रुपये की वसूली किए जाने का आरोप है। हालांकि इस पूरी रकम और नेटवर्क की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई तेज
मुख्यमंत्री के स्तर से मामला उठाए जाने के बाद बिजली विभाग ने डूब क्षेत्र में कार्रवाई तेज कर दी है। विभाग की टीम अवैध तारों और कनेक्शनों को हटाने के साथ-साथ बिजली चोरी में शामिल लोगों की पहचान और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर रही है।
