नोएडा में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब विभिन्न श्रेणी की परिसंपत्तियों के आवंटियों को राहत देते हुए ग्रीन बेल्ट से अतिरिक्त प्रवेश और निकास (एंट्री-एग्जिट) की अनुमति दी जाएगी। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य शहर की सड़कों पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करना और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना है।
कम शुल्क में मिलेगी नई सुविधा
पहले इस सुविधा के लिए आवंटियों को मूल आवंटन दर का 5 प्रतिशत शुल्क देना पड़ता था, साथ ही अनुमति मिलना भी आसान नहीं था। लेकिन अब प्राधिकरण ने इसे घटाकर मात्र 2 प्रतिशत कर दिया है। इस प्रस्ताव को शासन से भी मंजूरी मिल चुकी है, जिससे इसे जल्द लागू किया जाएगा।
किन परियोजनाओं को मिलेगा फायदा
इस निर्णय से खास तौर पर बड़े संस्थान, औद्योगिक इकाइयां, कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाएं लाभान्वित होंगी। लंबे समय से ये सभी अतिरिक्त प्रवेश और निकास की मांग कर रहे थे, ताकि उनके परिसर में आने-जाने वाले वाहनों का दबाव कम हो सके।
यातायात प्रबंधन में होगा सुधार
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से मुख्य सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे जाम की समस्या में कमी आएगी। साथ ही, आपातकालीन स्थितियों में आवागमन अधिक तेज और सुरक्षित हो सकेगा। यह कदम नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
ग्रीन बेल्ट से एंट्री-एग्जिट की अनुमति कैसे मिलेगी
अब निर्धारित शर्तों के तहत भूखंड मालिक अपनी संपत्ति के लिए ग्रीन बेल्ट की ओर से अतिरिक्त प्रवेश और निकास की अनुमति प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें केवल 2 प्रतिशत शुल्क प्राधिकरण में जमा करना होगा। यह निर्णय प्राधिकरण की बोर्ड बैठक के बाद लिया गया है और इसे शासन की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है।
आवंटियों के लिए जरूरी शर्तें
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण नियम तय किए गए हैं
आवेदन के साथ 10 रुपये प्रति वर्गमीटर की प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी
एक भूखंड के लिए केवल एक अतिरिक्त प्रवेश और निकास की अनुमति मिलेगी
यह सुविधा 20,000 वर्गमीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले भूखंडों पर लागू होगी
जितनी जमीन अतिरिक्त रास्ते के लिए उपयोग होगी, उतनी जमीन आवंटी को अपने भूखंड से निशुल्क देनी होगी
ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में किसी भी प्रकार का स्थायी या अस्थायी निर्माण नहीं किया जा सकेगा
प्रवेश और निकास की अधिकतम चौड़ाई 12 मीटर निर्धारित की गई है
भविष्य में यदि रास्ता बंद किया जाता है तो जमा शुल्क वापस नहीं किया जाएगा
भूमि हस्तांतरण, स्टांप ड्यूटी और अन्य खर्च आवंटी को स्वयं वहन करने होंगे
प्राधिकरण का उद्देश्य
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, यह निर्णय आवंटियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अतिरिक्त प्रवेश और निकास की सुविधा सशुल्क और निर्धारित शर्तों के साथ दी जाएगी, जिससे शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सके।
