लखनऊ। प्रदेश सरकार ने अनुदानित खाद के साथ गैर-अनुदानित उत्पादों की जबरन बिक्री यानी टैगिंग पर पूरे प्रदेश में पूरी तरह रोक लगा दी है। अब उर्वरक विक्रेता किसानों को खाद के साथ दवा, स्प्रे या अन्य कोई गैर-जरूरी सामान खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे।
शासन ने उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र में दर्ज सभी गैर-अनुदानित उत्पादों की आपूर्ति और बिक्री को प्रतिबंधित करने की स्वीकृति दे दी है। इसके साथ कृषि क्षेत्र की क्षमता और कौशल विकास से जुड़ी योजनाओं के लिए 383 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है।
इसका उपयोग कृषि परियोजनाओं के अनुरक्षण, कृषि विभाग के कार्यालयों को सशक्त बनाने और कंप्यूटर व अन्य आवश्यक हार्डवेयर की खरीद में किया जाएगा।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1098.02 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे प्रदेश में नई कृषि परिसंपत्तियों और अवस्थापनाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे किसानों को आधुनिक संसाधनों का सीधा लाभ मिलेगा।


