किसानों की मांगों को लेकर बीकेयू ने प्राधिकरण के अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन

Sanchar Now
5 Min Read

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर आगामी 7 फरवरी को होने वाली किसानों की महापंचायत को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा के किसानों की समस्याओं का प्राधिकरण ने निस्तारण नहीं किया जिसके लिए किसानों को प्राधिकरण के दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ते हैं किसानों की बैक लीज, आवासीय भूखंड और स्थानीय उद्योगों में युवाओं को नौकरी सहित कई मांगों को लेकर आगामी 7 फरवरी को प्राधिकरण पर महापंचायत की जाएगी।

दरअसल, ग्रेटर नोएडा में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन अंबावता ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर 7 फरवरी को महापंचायत करेंगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों की जमीन का अधिग्रहण तो कर लिया लेकिन किसानों को आवासीय भूखंड व बेक लीज सहित कई समस्याएं अभी तक अटकी हुई है। किसानों को लगातार प्राधिकरण के दफ्तर के चक्कर लगाने पड़ते हैं उसके बाद भी उनकी समस्याओं का निस्तारण नहीं होता। कई बार किसान आंदोलन कर चुके हैं लेकिन उनकी समस्या जोकि तो है किसानों की समस्याओं को लेकर एक बार फिर प्राधिकरण पर 7 फरवरी को महापंचायत की जाएगी।

भारतीय किसान यूनियन अंबावता के राष्ट्रीय प्रवक्ता बृजेश भाटी ने बताया कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया जिसके बाद किसानों को 10% आवासीय भूखंड प्राधिकरण की तरफ से दिए जाते हैं लेकिन अधिकांश किसानों के अभी तक 10% आवासीय भूखंड उनको नहीं मिले हैं। इसके साथ ही जिन किसानों को 10% आवासीय भूखंड दिए गए हैं उस पर प्राधिकरण पेनल्टी लगा रहा है। प्राधिकरण के द्वारा इस प्रकार पेनल्टी लगाकर किसानों पर अतिरिक्त भार डाला जा रहा है जिसको तत्काल प्रभाव से खत्म किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्राधिकरण कार्यालय में किसानों की एंट्री के लिए पास का सिस्टम चालू किया गया है बिना पास के किसानों का प्राधिकरण कार्यालय में नहीं आने दिया जाता प्राधिकरण की इस तानाशाही को खत्म किया जाए। इसी प्रकार की अन्य मांगों को लेकर प्राधिकरण के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया।

पढ़ें  नोएडा में हैबतपुर के डूब क्षेत्र में छह हजार वर्गमीटर में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, NGT के आदेश पर हुई कार्रवाई

इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन अंबावता के प्रदेश अध्यक्ष विकास प्रधान ने कहा कि यहां के किसानों की जमीन का प्राधिकरण ने अधिग्रहण करता है उसके बाद उस जमीन पर उद्योग लगाए जाते हैं लेकिन यहां के युवाओं को वहां पर रोजगार नहीं दिया जाता। यहां पर लगने वाले उद्योगों में 50% कोटा स्थानीय किसानों के बच्चों के लिए रिजर्व किया जाए। जिससे उनके सामने आजीविका का संकट ना हो पाए। जमीन का अधिग्रहण होने के बाद यहां के युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है इसीलिए उद्योगों में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

भारतीय किसान यूनियन अंबावता के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में किसानों की मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस दौरान मीडिया प्रभारी आलोक नागर ने कहां कि प्राधिकरण के अंतर्गत आने वाले सभी गांवों का स्मार्ट विलेज के तहत विकास किया जाए। प्राधिकरण ने जिन गांवों की जमीन को अधिग्रहण किया है वहां पर गांव में ग्राम पंचायते खत्म कर दी गई है। ऐसे गांव का विकास सही तरीके से नहीं हो पा रहा है गांव के विकास की जिम्मेदारी प्राधिकरण की है। प्राधिकरण सभी गांवों का स्मार्ट विलेज के तहत विकास करें और वहां के लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराएं।

प्राधिकरण में किसानों की मांगे काफी समय से लंबित है प्राधिकरण के अधिकारियों से बार-बार शिकायत करने के बाद भी उनकी मांगे पूरी नहीं की गई है। भारतीय किसान यूनियन अम्बवता ने सोमवार को ज्ञापन के माध्यम से किसानों की मांग जल्द पूरी करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर किसानों की मांगें जल्द पूरी नहीं की गई तो आगामी 7 फरवरी को प्राधिकरण कार्यालय पर महापंचायत की जाएगी।

पढ़ें  Bigg Boss 19 में एंट्री कर देश में छाए नोएडा के Mridul, 70000000 रुपये और 12 लग्जरी कारों के हैं मालिक
Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment