संचार नाउ। आईएचजीएफ दिल्ली मेला – ऑटम 2025 के तीसरे दिन का मुख्य आकर्षण रहा – विकास आयुक्त (हथकरघा), भारत सरकार, डॉ. एम. बीना का विशेष दौरा और प्रतिष्ठित शिल्पकारों का सम्मान समारोह। डॉ. बीना ने भारत के विभिन्न राज्यों से आए शिल्पकारों से बातचीत की और पूर्वोत्तर क्षेत्र के कारीगरों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने हस्तशिल्प के विकास में योगदान देने वाले कई प्रमुख निर्यातकों को सम्मानित किया, जिनमें श्री करण जेठवानी, श्री अतुल पोद्दार, श्री राहुल अग्रवाल, श्री शालिब रहमान, श्री अंकुर अग्रवाल और श्री वैभव खत्री शामिल रहे।
इस अवसर पर ईपीसीएच अध्यक्ष डॉ. नीरज खन्ना, पूर्व अध्यक्ष लेखराज माहेश्वरी, और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। मेले के दौरान आयोजित सेमिनारों ने प्रतिभागियों का विशेष ध्यान खींचा। “निर्यातकों के लिए डिजिटलीकरण” और “लोकल कैश एंड कैरी टू ग्लोबल सप्लाई चेन” जैसे विषयों पर हुए सत्रों में विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे एआई और डिजिटल इनोवेशन से भारतीय कारीगर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी मजबूत स्थिति बना सकते हैं।
ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक आर.के. वर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा बढ़ने के दौर में ऐसे सेमिनार निर्यातकों के लिए मार्गदर्शक साबित होंगे। भारत के हस्तशिल्प क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाला यह मेला न केवल देश की परंपराओं को सहेज रहा है बल्कि उसे विश्व बाज़ार में नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है।
