उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कलक्ट्रेट सभागार में मतदाता विशेष पुनरीक्षण अभियान यानी एसआईआर को लेकर मंडलीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे अधिक फर्जी वोटर अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर में है। इसको लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारियों को निर्देश दिए कि वह एसआईआर के कार्य में लापरवाही न बरतें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को खुद 100 फीसदी क्षमता के साथ एसआईआर में जुटना होगा। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित मंडलीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने फर्जी वोटरों को हटाने और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाए कि कोई भी पात्र मतदाता छूटने न पाए। मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों की रणनीति पर भी गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल पूरी ताकत के साथ ‘साइलेंट रूप से’ मतदाता सूची तैयार करने के काम में लगे हुए हैं।
उन्होंने आगाह किया कि विपक्ष की इस गंभीरता को देखते हुए, सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं को भी बेहद गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उन्होंने यहाँ तक कहा कि अगर किसी कार्यकर्ता के घर में शादी समारोह भी है, तब भी परिवार का कोई न कोई सदस्य SIR का काम पूरा करने में गंभीरता से जुटा रहे। मुख्यमंत्री ने संगठन के नेताओं को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि अगर आपको चुनाव जीतना है तो इस कार्य में पूरी ताकत के साथ लगें। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों के भरोसे चुनाव नहीं जीत सकते हैं।
मुख्यमंत्री का यह कड़ा निर्देश दर्शाता है कि पार्टी हाईकमान आगामी चुनावों के लिए मतदाता सूची को कितना महत्वपूर्ण मान रहा है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपना सारा काम छोड़कर केवल एसआईआर में जुट जाएं, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिमुक्त और निष्पक्ष बनाया जा सके। यूपी में 94 प्रतिशत फार्म फीड हो जाने की बात कही जा रही है। यहां 2027 में विधानसभा चुनाव होना है।

