लखनऊ : मौनी अमावस्या पर्व पर प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत प्रदेश के दो लाख से अधिक शहरी लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिये कुल दो हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंची।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख रुपये की पहली किस्त जारी की। कई लाभार्थियों से संवाद कर बधाई दी। कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से जुड़े केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य तथा ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना किसी तय संख्या तक सीमित नहीं है। जब तक देश के हर बेघर व्यक्ति को पक्का घर नहीं मिल जाता, तब तक यह योजना चलती रहेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह अभियान लक्ष्य पूरा होने तक निरंतर जारी रहेगा।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में रविवार को आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री खट्टर ने कहा कि पीएम आवास योजना में महिलाओं को विशेषाधिकार रहा है। करीब 93 प्रतिशत महिलाओं को एकल या संयुक्त नाम पर लाभ मिला है। हर व्यक्ति का अपना पक्का मकान का सपना पूरा हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को एक नई पहचान दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि बीते करीब नौ वर्षों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के 62 लाख परिवारों को लाभ मिला है। वर्ष 2017 से 2025 के बीच नगरीय क्षेत्र में 17 लाख 66 हजार आवास उपलब्ध कराए गए। अब दो लाख से अधिक नए लाभार्थियों के जुड़ने से यह संख्या बढ़कर 19 लाख 75 हजार हो गई है। उन्होंने कहा कि अच्छी सरकार से ही बेहतर सुविधाएं मिलती हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लोगों को रोटी, कपड़ा और मकान, तीनों मूलभूत सुविधाएं मिल रही हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन एक क्रांति लेकर आया है। लोग अब स्वच्छता से रहने लगे हैं। सरकार ने माफिया को दूर किया और आपने गंदगी को, इससे प्रदेश आगे बढ़ गया। उन्होंने अयोध्या और सोनभद्र के उदाहरण देते हुए बताया कि पीएम आवास से घर बनने के बाद कई लोगों ने अपनी बची हुई पूंजी से रोजगार शुरू किया और आत्मनिर्भर बने।
मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थियों से प्रधानमंत्री को धन्यवाद पत्र भेजने की अपील की। इसके साथ ही नगरीय निकायों को निर्देश दिए कि योजना के लिए नोडल अधिकारी तैनात कर दूसरी और तीसरी किस्त समय से उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने स्वागत भाषण में नगरीय क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम में दस लाभार्थियों को मंच से पहली किस्त का सहमति पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, भाजपा के राज्यसभा सदस्य संजय सेठ, एमएलसी अवनीश कुमार सिंह, विधायक नीरज बोरा, योगेश शुक्ला, जय देवी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। समारोह में लखनऊ, सीतापुर, रायबरेली, हरदोई, उन्नाव समेत अनेक जिलों से सैकड़ों लाभार्थी शामिल हुए।
सेकेंड में लाभार्थियों के खाते में पहुंची रकम
प्रदेश के सभी जिलों के दो लाख से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में दो हजार करोड़ रुपये से अधिक धनराशि 56 सेकेंड में पहुंच गई। खाते में रकम पहुंचने का मैसेज मोबाइल फोन पर मिलते ही लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ दिखी। योजना के तहत लाभार्थियों को कुल 2.50 लाख रुपये मिलेंगे। एक लाख रुपये की पहली किस्त मिलने पर आवास निर्माण पर 75 प्रतिशत राशि खर्च करने के बाद दूसरी किस्त में एक लाख रुपये और तीसरी किस्त में 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।
डीबीटी के बाद मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से वाराणसी की माधुरी देवी, अयोध्या की रमावती देवी, अलीगढ़ की पूनम चौधरी, लखीमपुर खीरी के हीरालाल थारू, चित्रकूट की गीता कुशवाहा और गोरखपुर की सुमन देवी से संवाद किया। उन्होंने लाभार्थियों से धनराशि का उपयोग केवल आवास निर्माण में करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी ली कि वे अन्य कौन-कौन सी सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। मंच पर उन्होंने लखनऊ की आशा, स्नेह तिवारी, नीरा, हसीबुल, उन्नाव की पिंकी राठौर, सीतापुर की माया देवी, रायबरेली की गीता पाल, हरदोई की रामबेटी, लखीमपुर खीरी की राम सहेली को सहमति पत्र दिए।
इन जिलों को सबसे अधिक लाभ
गाजियाबाद के 8,937, बदायूं के 4,521, बिजनौर के 5,581, बरेली के 8,693, अलीगढ़ के 5,382, आगरा के 3,828, फर्रुखाबाद के 3,236, बुलंदशहर के 3,567, देवरिया के 4,142, अयोध्या के 4,697, गोरखपुर के 7,142, कुशीनगर के 6,231, लखीमपुर खीरी के 5,100, लखनऊ के 8,568, महाराजगंज के 4,053, मथुरा के 4,366, मऊ के 3,494, मिर्जापुर के 2,027, मुरादाबाद के 3,827, प्रतापगढ़ के 7,214, प्रयागराज के 5,023, उन्नाव के 3,140 व वाराणसी के 3,294 लाभार्थियों के खातों में पहली किस्त की धनराशि पहुंची।

