अलीगढ़। लोकसभा चुनाव के दौरान शैक्षिक जानकारी छिपाने के मामले में अदालत ने भाजपा सांसद सतीश गौतम के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। एमपी-एमएलए की विशेष अदालत (अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय) ने सांसद को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वह 27 जुलाई को आपत्ति प्रस्तुत करें। यह याचिका देहलीगेट क्षेत्र के केवल विहार कालोनी निवासी भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशव देव गौतम की ओर से दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि सांसद सतीश गौतम ने 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान नामांकन पत्र दाखिल किया था। इसमें उनकी शैक्षिक योग्यता का विवरण स्पष्ट रूप से नहीं दर्शाया गया था।
जैसे उनकी शिक्षा कहां से और कैसे, किस परिस्थित व किस संस्थान से हुई? उनके विवरण में स्नातक-2023 स्वामी विवेकानंद सुभारसी यूनिर्वसिटी व इंटरमीडिएट 2020 में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान की प्रतिलिपि जानबूझकर दाखिल नहीं की गई, जो अपराध की श्रेणी है। साथ ही उस समय सांसद द्वारा प्रस्तुत नामांकन पत्र की जांच कराने की मांग की गई थी। अदालत ने परिवाद दर्ज करते हुए सुनवाई शुरू की। अब अदालत ने आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए अंतिम अवसर देते हुए नोटिस जारी किया है। इसमें कहा है कि वर्णित तथ्यों के संबंध में आपको कोई आपत्ति है तो 27 जुलाई से पहले आपत्ति न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें। उधर, सांसद सतीश गौतम ने इस बारे में कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।
