कानपुर। किदवई नगर में पत्नी से कहासुनी के बाद कानपुर देहात में तैनात सरकारी डॉक्टर संदीप सिंह ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की आवाज सुनकर अपार्टमेंट रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी होने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके से साक्ष्य जुटाए। लाइसेंसी रिवाल्वर को कब्जे में लेने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
लाल बंगला के परदेवनपुरवा निवासी राज बहादुर सिंह का 38 वर्षीय बेटा डॉ. संदीप सिंह कानपुर देहात में तैनात थे। संदीप निराला नगर में ब्लासम अपार्टमेंट में परिवार से अलग पत्नी कंचन और छह माह के बेटे के साथ रहते थे। करीब पांच साल पूर्व पहली पत्नी से तलाक लेने के बाद संदीप ने कासगंज की रहने वाले कंचन से प्रेम विवाह किया था।
सीने में गोली मारकर की आत्महत्या
पहली पत्नी से उनकी पांच साल की एक बेटी भी है। पिता राज बहादुर ने बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच में छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद शुरू हो गए थे। जानकारी पर अक्सर दोनों को समझाकर शांत करा देते थे। जानकारी के मुताबिक रविवार देर रात दोनों के बीच फिर विवाद हो गया।
कहासुनी के बाद रात करीब दो बजे के आसपास संदीप ने कमरे में जाकर लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार दी। गोली की आवाज सुनकर कंचन के शोर मचाने पर अपार्टमेंट में रहने वाले लोग आनन-फानन में उसे लेकर सर्वोदय नगर स्थित रिजेंसी अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
कार्यवाहक किदवई नगर थानाध्यक्ष नीरज द्विवेदी ने सीने में गोली मारकर आत्महत्या की है। प्रथम दृष्टया परिवार कलह में आत्महत्या करने की बात सामने आ रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पूछताछ के बाद ही सही वजह स्पष्ट हो सकेगी।
