दनकौर। यमुना एक्सप्रेसवे से सटे चपरगढ़ गांव के पास शुक्रवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने ग्रीन बेल्ट पर किए गए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई
इस दौरान ग्रीन बेल्ट को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार लंबे समय से कुछ लोगों ने ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा था। यहां रोडी, बदरपुर समेत अन्य निर्माण सामग्री डालकर अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। शिकायत मिलने के बाद प्राधिकरण की टीम ने मौके का निरीक्षण किया और शुक्रवार को पुलिस बल के साथ पहुंचकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
ग्रीन बेल्ट का महत्व
अधिकारियों ने बताया कि ग्रीन बेल्ट का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और हरित क्षेत्र का विकास करना है, लेकिन अवैध कब्जों के कारण वहां नए पौधे और वृक्ष नहीं लगाए जा पा रहे थे। इससे हरित क्षेत्र के विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से रखी गई निर्माण सामग्री को हटाया गया और कब्जाधारकों को भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी गई। यीडा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ग्रीन बेल्ट या प्राधिकरण की किसी भी जमीन पर अवैध कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में किसी व्यक्ति द्वारा दोबारा अतिक्रमण करने का प्रयास किया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भविष्य की योजनाएं
प्राधिकरण का कहना है कि ग्रीन बेल्ट को सुरक्षित रखने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
