भारत और बांग्लादेश के बीच आजकल क्रिकेट के खेल में भी काफी विवाद चल रहा है। बीसीसीआई ने बांग्लादेश के खिलाड़ियों को आईपीएल से बैन कर दिया। जिसके बाद बांग्लादेश की टीम ने टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारत आने से मना कर दिया। वैसे तो भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट मैच हमेशा से ही रोमांचक रहे हैं, लेकिन इन मैचों में कुछ ऐसे विवाद भी हुए हैं जिन्होंने खूब सुर्खियां बटोरीं। ऐसे ही 5 विवादों की बात हम आगे इस रिपोर्ट में करने वाले हैं।
नो बॉल को लेकर विवाद
2015 के वर्ल्ड कप क्वार्टर फाइनल में रोहित शर्मा के साथ हुआ एक वाकया काफी चर्चा में रहा। तब रोहित शर्मा 90 रन पर खेल रहे थे और उन्हें लगा कि उन्होंने एक फुल टॉस गेंद पर छक्का मारने की कोशिश की लेकिन गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर डीप-मिड विकेट पर कैच हो गई। हालांकि, ऑन-फील्ड अंपायर इयान गोल्ड ने उस गेंद को कमर से ऊपर की ऊंचाई का बताकर नॉट आउट करार दिया। बाद में रीप्ले में साफ दिखा कि गेंद कमर से नीचे थी। इस फैसले के बाद रोहित शर्मा ने 47 रन और बनाए और 137 रन की शानदार पारी खेली। भारत ने यह मैच 109 रनों से जीता, लेकिन इस फैसले को मैच का टर्निंग पॉइंट माना गया। उस समय ICC के अध्यक्ष मुस्तफा कमाल ने अंपायरों के फैसले पर सवाल उठाए।
धोनी का कटा हुआ सिर वाला पोस्टर
2016 के एशिया कप फाइनल से ठीक पहले, बांग्लादेशी प्रशंसकों ने एक ऐसी हरकत की जिसने भारतीय फैंस को भड़का दिया। उन्होंने अपने तेज गेंदबाज तस्कीन अहमद की एक फोटोशॉप्ड (बदली हुई) तस्वीर वायरल की, जिसमें तस्कीन अहमद भारतीय कप्तान एमएस धोनी का कटा हुआ सिर पकड़े हुए थे। यह तस्वीर इंटरनेट पर आग की तरह फैल गई और भारतीय फैंस ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई। यह पहली बार नहीं था जब ऐसी कोई फोटोशॉप्ड तस्वीर सामने आई थी। इससे एक साल पहले, एक बांग्लादेशी अखबार ने भारतीय खिलाड़ियों के आधे सिर मुंडवाए हुए फोटोशॉप्ड तस्वीर छापी थी। धोनी वाली तस्वीर को एक व्यक्तिगत हमला माना गया और इसने काफी विवाद खड़ा कर दिया।
विराट कोहली की फेक फील्डिंग
2022 के टी20 वर्ल्ड कप में भारत और बांग्लादेश के बीच हुए मैच के बाद एक नया विवाद खड़ा हो गया। मैच के आखिरी ओवरों में, जब बांग्लादेश की टीम जीत के करीब थी तब विराट कोहली पर ‘फेक फील्डिंग’ (नकली फील्डिंग) का आरोप लगा। बांग्लादेश की पारी के दौरान, जब बल्लेबाज दूसरा रन ले रहे थे पॉइंट पर खड़े विराट कोहली ने गेंद फेंकने का इशारा किया जबकि गेंद उस समय दूसरे फील्डर के हाथ में थी। ऑन-फील्ड अंपायरों ने इसे ‘फेक फील्डिंग’ का उल्लंघन नहीं माना। भारत ने यह मैच सिर्फ 5 रनों से जीता। मैच के बाद, बांग्लादेश के विकेटकीपर नरुल हसन ने सार्वजनिक रूप से कोहली पर आरोप लगाया।
2020 अंडर 19 वर्ल्ड कप में लड़ाई
2020 का अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल भी विवादों से अछूता नहीं रहा। यह मैच काफी तनावपूर्ण था और कम स्कोर वाला था। 178 रनों का पीछा करते हुए, बांग्लादेश की टीम पहली बार आईसीसी टूर्नामेंट जीतने के करीब थी। लेकिन जीत के बाद मैदान पर जो हुआ वह बेहद शर्मनाक था। जीत के रन बनते ही बांग्लादेशी खिलाड़ी मैदान पर आ गए और उनका जश्न काफी आक्रामक था। दोनों टीमों के कई खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। कुछ खिलाड़ी एक-दूसरे को धक्का-मुक्की करते दिखे। अंपायरों और टीम अधिकारियों को बीच-बचाव करना पड़ा। इस घटना को आईसीसी ने गंभीरता से लिया और दोनों टीमों के पांच खिलाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया। बांग्लादेश के तीन खिलाड़ी और भारत के दो खिलाड़ी पर ICC आचार संहिता का उल्लंघन करने के आरोप में कार्रवाई हुई।
जब एमएस धोनी को आया गुस्सा
साल 2015 में भारत के बांग्लादेश दौरे के दौरान पहले वनडे मैच में एक विवादित घटना घटी थी, जब रन लेने के लिए दौड़ते समय एमएस धोनी और बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान के बीच टक्कर हो गई थी। दरअसल, मुस्तफिजुर गेंदबाजी के बाद बार-बार बल्लेबाजों के दौड़ने वाले रास्ते (पिच के बीच) में आ रहे थे और जब धोनी ने देखा कि वे उनके रास्ते से नहीं हट रहे हैं तो धोनी ने अपना कंधा अड़ाकर उन्हें जोर से धक्का दिया। इस टक्कर के कारण मुस्तफिजुर को कुछ समय के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा था और बाद में आईसीसी (आईसीसी) ने खेल भावना के उल्लंघन के लिए धोनी पर मैच फीस का 75% और मुस्तफिजुर पर 50% जुर्माना भी लगाया था।


