संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति किए जा रहे अवैध निर्माण के खिलाफ प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए गुरुवार सुबह बड़ी कार्रवाई की। खेड़ा चौगानपुर में खसरा संख्या 109 पर अनधिकृत रूप से बनाए गए 8 रिहायशी टावरों को प्राधिकरण ने सील कर दिया। इन टावरों में 100 से अधिक फ्लैट बने हुए थे, जो फिलहाल खाली पाए गए। प्राधिकरण की इस कार्रवाई को अवैध निर्माण के खिलाफ जारी मुहिम का अहम हिस्सा माना जा रहा है, जिससे अनधिकृत बिल्डरों पर सख्त संदेश गया है।
दरअसल, यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के भूलेख और परियोजना विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूखंड प्राधिकरण के अधिसूचित एरिया में आता है, जहां बिना किसी अनुमति और बिना नक्शा पास कराए निर्माण कराया गया था। इस मामले में पहले नोटिस जारी किए जा चुके थे और एफआईआर भी दर्ज है, इसके बावजूद निर्माण कार्य नहीं रोका गया।
प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर अधिसूचित क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। इसी क्रम में एसीईओ सुमित यादव की निगरानी में यह कार्रवाई की गई। मौके पर ओएसडी अभिषेक पाठक, ओएसडी राम नयन सिंह, वर्क सर्किल-3 के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम, प्रभारी वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर, सहायक प्रबंधक राजीव मोटला, स्थानीय पुलिस और प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे।
एसीईओ सुमित यादव ने स्पष्ट किया कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति या बिना नक्शा स्वीकृत कराए किए गए किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में जमीन या फ्लैट खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से पूरी जानकारी जरूर लें, ताकि अवैध कॉलोनियों में निवेश कर अपनी मेहनत की कमाई जोखिम में न डालें।

