संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शाहबेरी में शत्रु संपत्ति पर निर्मित नौ दुकानों को शनिवार को सील कर दिया है ।प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-1 के प्रभारी प्रभात शंकर के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की। प्राधिकरण की तरफ से अवैध निर्माण के खिलाफ 17 दिन में यह सातवीं कार्रवाई है। वहीं, पुलिस और जिला प्रशासन के सहयोग से अमरपुर में भी शनिवार को अतिक्रमण हटाया गया। सरकारी जमीन पर गांव के ही कुछ लोग कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। इसे कब्जाने को लेकर गांव के दो पक्षों में विवाद भी चल रहा था।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार और जिलाधिकारी मेधा रूपम के निर्देश पर वर्क सर्किल-8 के प्रभारी नागेंद्र सिंह, एसीपी अरविंद कुमार चहल, एसएचओ अरविंद कुमार, स्थानीय चौकी इंचार्ज और जिला प्रशासन की टीम ने पुलिस और पीएसी की टीम के साथ मिलकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। लगभग 5000 वर्ग मीटर भूमि को मुक्त करा लिया गया। इसकी तार फेंसिंग कर प्राधिकरण अपने कब्जे में ले लेगा। इसकी कीमत लगभग 10 करोड रुपए होने का आकलन है। बता दें, कि प्राधिकरण की तरफ से विगत 17 दिन में 7 जगहों पर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की गई। विगत 20 जनवरी को भनौता में 11340 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है। इसी तरह 28 जनवरी को हैबतपुर में 6000 वर्ग मीटर, 04 फरवरी को भनौता में 10 हजार वर्ग मीटर और बृहस्पतिवार को रोहिल्लापुर में 18 हजार वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। वहीं, 29 जनवरी को खेड़ा चौगानपुर में 8 टॉवरों के 100 से अधिक फ्लैटों को सील किया गया है और अब शनिवार को शाहबेरी में 9 दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई है।
ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा है कि अधिसूचित एरिया में किसी भी सरकारी जमीन पर कब्जा करना गलत है। प्राधिकरण की तरफ से पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर ऐसी जमीनों को मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा है कि अधिसूचित एरिया में अनुमति के बिना या फिर बिना नक्शा पास कराए निर्माण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसीईओ ने अपील की है कि कालोनाइजरों के चंगुल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं। ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण के भूलेख विभाग से संपर्क कर पूरी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

