ICC ने बदले 5 नियम, शॉर्ट रन बढ़ाएगा सिरदर्द, कैच भी बनेगा चिंता का सबब, जानिए पूरी जानकारी

Sanchar Now
4 Min Read

दुबई: इंटरनेशनल क्रिकेट परिषद (ICC) ने तीनों प्रारूपों में मौजूदा क्रिकेट नियमों में बड़े बदलावों की घोषणा की है, जबकि कुछ संशोधित कानून पहले ही लागू हो चुके हैं। इसमें शॉर्ट रन पर जुर्माना, डीआरएस, सलाइवा के इस्तेमाल, कैच के फर्जी दावों पर कड़ी सजा और टेस्ट क्रिकेट में समय की बर्बादी रोकने के लिए स्टॉप क्लॉक जैसे नियम शामिल हैं। आईसीसी के अनुसार सफेद गेंद वाले प्रारूपों से संबंधित कानून 2 जुलाई से प्रभावी होंगे। आइए पांच प्रमुख नियमों के बदलावों और संशोधनों के बारे में डिटेल में जानते हैं…

टेस्ट मैचों में ओवर रेट के लिए ‘स्टॉप क्लॉक’

ICC ने टेस्ट क्रिकेट में धीमी ओवर गति को नियंत्रित करने के लिए ‘स्टॉप क्लॉक’ का नियम लागू किया है।

  • नियम: इस नियम के तहत एक ओवर समाप्त होने और अगले ओवर की शुरुआत के बीच का अधिकतम समय 60 सेकंड निर्धारित किया गया है।
  • उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य मैच के दौरान होने वाली अनावश्यक देरी को कम करना और खेल की गति को बनाए रखना है, ताकि दर्शक जुड़ाव महसूस कर सकें।
  • जुर्माना: यदि टीम इस 60-सेकंड की सीमा का पालन करने में विफल रहती है तो उन्हें दंडित किया जाएगा।

लार (सलाइवा) के जानबूझकर उपयोग के लिए अनिवार्य गेंद परिवर्तन नहीं

कोविड-19 महामारी के दौरान लार (saliva) के उपयोग पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया था। अब ICC ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है:

  • नियम: जानबूझकर लार के उपयोग के लिए गेंद को बदलना अनिवार्य नहीं होगा। इसका अर्थ है कि लार के उपयोग पर प्रतिबंध अब नहीं है और यदि इसका उपयोग होता है, तो गेंद को तुरंत बदलने की आवश्यकता नहीं होगी, जैसा कि पहले सोचा जा सकता था।
  • अब ये बातें होंगी खास: यह निर्णय खिलाड़ियों को गेंद चमकाने के पारंपरिक तरीके पर वापस जाने की अनुमति देता है, लेकिन यह सुनिश्चित करता है कि यदि इसका उपयोग होता है तो खेल में अनावश्यक बाधा न आए।
पढ़ें  'टाइगर 3' के सेट पर सलमान खान को लगी चोट, फोटो शेयर कर लिखा- 'टाइगर जख्मी है'

DRS में ‘आउट’ निर्णयों के लिए नए प्रोटोकॉल

डिसीजन रिव्यू सिस्टम (DRS) में अंपायरों के ‘आउट’ निर्णयों की समीक्षा के लिए कुछ नए प्रोटोकॉल पेश किए गए हैं।

  • उद्देश्य: इन प्रोटोकॉलों का उद्देश्य DRS प्रणाली को और अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है, जिससे सही निर्णय सुनिश्चित हो सकें।
  • अब ये बातें होंगी खास: इन प्रोटोकॉलों में विशिष्ट तकनीकी पहलुओं को शामिल किया गया होगा, जैसे कि हॉटस्पॉट और स्निकोमीटर के डेटा का उपयोग कैसे किया जाएगा और अंपायर के निर्णय को पलटने के लिए क्या आवश्यक होगा।

फर्जी कैच दावों पर ‘नो-बॉल’

यह नियम ‘खेल भावना’ (Spirit of Cricket) को बनाए रखने के लिए लाया गया है।

  • नियम: यदि कोई कैच स्पष्ट नहीं है और क्षेत्ररक्षक जानबूझकर उसे आउट होने का दावा करते हैं, जबकि उन्हें पता है कि यह साफ कैच नहीं है तो अंपायर इसे ‘नो-बॉल’ करार देगा।
  • उद्देश्य: यह बेईमानी या अनुचित दावों को रोकने और खिलाड़ियों को हमेशा ईमानदारी से खेलने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए है।

शॉर्ट रन और स्ट्राइक पर बल्लेबाज का चुनाव

‘शॉर्ट रन’ एक ऐसी स्थिति है जहां बल्लेबाज एक रन पूरा नहीं करता है, यानी वह क्रीज तक नहीं पहुंचता।

  • पांच रन का जुर्माना: यदि बल्लेबाज शॉर्ट रन लेते हुए पकड़े जाते हैं तो बल्लेबाजी करने वाली टीम पर पांच रन का जुर्माना लगाया जाएगा। यह सुनिश्चित करता है कि बल्लेबाज हर रन को पूरी तरह से पूरा करें।
  • स्ट्राइक पर बल्लेबाज का चुनाव: इसके अतिरिक्त यदि ऐसी स्थिति (शॉर्ट रन) होती है तो अंपायर क्षेत्ररक्षण टीम से पूछेंगे कि वे किस बल्लेबाज को अगली गेंद पर स्ट्राइक पर चाहते हैं। यह एक सामरिक फायदा दे सकता है और बल्लेबाज को दंडित करने का एक और तरीका है।
पढ़ें  रणबीर कपूर की फिल्म 'रामायण' के प्रोड्यूसर का नया पोस्ट, जानें क्या है इसमें फिल्म से जुड़ी खास बात
Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment