पहले ही दिन भारत की गोल्डन शुरुआत, शूटिंग में गोल्ड और सिल्वर पर किया कब्जा

Sanchar Now
3 Min Read

मोना अग्रवाल ने सोमवार को फाइनल में शानदार वापसी करते हुए अपनी हमवतन अवनि लेखरा को पछाड़कर महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल (एसएच1) स्पर्धा का गोल्ड मेडल जीत लिया, जिससे भारत ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में पहला-दूसरा स्थान हासिल कर पदक तालिका में अपना खाता खोला। पेरिस पैरालंपिक 2024 की कांस्य पदक विजेता मोना ने छठे स्थान से वापसी करते हुए 250.0 अंक के साथ एशियाई पैरा खेलों का रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि को महज 0.4 अंक से पछाड़ा। गत चैंपियन के तौर पर उतरीं 24 वर्षीय अवनि को 249.6 अंकों के साथ सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। अवनि के इस पदक से भारत ने 2028 लॉस एंजिलिस पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी हासिल कर लिया।

मोना ने आखिरी शॉट में इतने अंक हासिल किए

मोना ने पिछले महीने विश्व निशानेबाजी पैरा स्पोर्ट (डब्ल्यूएसपीएस) चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर पहले ही एक कोटा स्थान हासिल कर लिया था। इस स्पर्धा में दक्षिण कोरिया की युनरी ली ने 227.9 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। एसएच1 वर्ग निचले अंगों में विकलांगता वाले निशानेबाजों के लिए है। जयपुर की इन दोनों निशानेबाजों के बीच मुकाबला 24 शॉट के फाइनल के आखिरी शॉट तक चला। निर्णायक शॉट से पहले मोना के 239.1 अंक थे जबकि अवनि 239.2 अंक के साथ उनसे 0.1 अंक आगे थीं। मोना ने आखिरी शॉट में शानदार 10.8 अंक हासिल किए जबकि अवनि 10.5 अंक ही जुटा सकीं। इस तरह 38 वर्षीय दो बच्चों की मां मोना ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मोना ने क्वालीफिकेशन में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने आठ निशानेबाजों के बीच 629.1 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल करते हुए एशियाई पैरा खेलों का क्वालीफिकेशन रिकॉर्ड बनाया था।

पढ़ें  हैप्पी बर्थडे कप्तान साहब... सलमान खान ने MSD को खास अंदाज में दी जन्मदिन की शुभकामनाएं

लिमिनेशन चरण में मुकाबले का रुख बदल गया

कार दुर्घटना के बाद व्हीलचेयर पर बैठकर निशाना लगाने वाली अवनि 626.4 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही थीं। हालांकि, फाइनल की शुरुआत में तस्वीर अलग थी। हांगझोउ एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक का बचाव करने उतरी अवनि ने 10.8 अंक के साथ शुरुआत की जबकि मोना ने 10.1 अंक हासिल किए। पहले पांच शॉट के बाद अवनि 53.2 अंक के साथ आगे थीं। अगले पांच शॉट के बाद भी उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखी और 104.8 अंक तक पहुंच गईं। उस समय मोना 102.9 अंक के साथ छठे स्थान पर थीं। इसके बाद एलिमिनेशन चरण में मुकाबले का रुख बदल गया। अवनि लगातार कुछ कम स्कोर वाले शॉट लगाने लगीं जबकि मोना ने धीरे-धीरे अपनी स्थिति में सुधार किया। इससे मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया। मोना के लिए यह स्वर्ण पदक धीमी शुरुआत के बाद शानदार वापसी का परिणाम रहा। अवनि के लिए यह रजत पदक उनके शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि है।

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment