नई दिल्ली. लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेले गए ट्राई वनडे सीरीज के एक बेहद ही रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान के ऑलराउंडर शादाब खान ने वो कारनामा कर दिखाया, जो क्रिकेट इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया. अपने पहले इंटरनेशनल शतक को इससे बेहतर अंदाज में शायद ही कोई खिलाड़ी यादगार बना सकता था. इस सांस रोक देने वाले मैच में शादाब ने ना सिर्फ वनडे क्रिकेट इतिहास में 8वें या उससे निचले नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का नया विश्व रिकॉर्ड बनाया, बल्कि अपनी टीम को हार के कगार से निकालकर 1 विकेट से एक अविश्वसनीय और ऐतिहासिक जीत भी दिलाई.
इंग्लैंड की ओर से रखे गए 242 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम की शुरुआत किसी बुरे सपने से कम नहीं रही. मैच की शुरुआती सात ओवरों के भीतर ही मेजबान टीम ने महज 31 रनों के स्कोर पर अपने तीन प्रमुख बल्लेबाजों को गंवा दिया. फखर जमां, सैम अयूब और बाबर आजम जैसे दिग्गज खिलाड़ी पवेलियन लौट चुके थे. इसके बाद साद बैग ने जरूर 22 गेंदों में 32 रनों की आक्रामक पारी खेलकर उम्मीद की एक किरण जगाई, लेकिन इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शिकंजा कसे रखा. पाकिस्तान की आधी से ज्यादा टीम पवेलियन लौट चुकी थी और 103 रन तक पहुंचते-पहुंचते उसके 6 महत्वपूर्ण विकेट गिर चुके थे.
शुरुआती तबाही और बिखरती हुई पाकिस्तानी पारी
जब पाकिस्तान का शीर्ष और मध्यक्रम ढह चुका था, तब शादाब खान क्रीज पर उतरे. शुरुआत में परिस्थिति बेहद कठिन थी और शादाब को भी संभलने में वक्त लगा. उन्होंने अपनी शुरुआती 12 गेंदों पर केवल 3 रन ही बनाए थे. हालांकि, मैदान पर थोड़ा समय बिताने के बाद उन्होंने मैच की परिस्थिति को समझा और धीरे-धीरे अपनी लय हासिल करना शुरू किया.
शादाब खान का संयम से भरा आगाज
एक बार जब शादाब का बल्ला चलना शुरू हुआ, तो इंग्लैंड का गेंदबाजी आक्रमण असहाय नजर आने लगा. शादाब ने तेज गेंदबाजों के खिलाफ कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल किया, तो वहीं इंग्लैंड के स्पिनरों को अपने पारंपरिक स्वीप और रिवर्स-स्वीप शॉट से बेबस कर दिया.
आक्रामकता, प्रहार और अंतिम ओवरों का रोमांच
पारी के आगे बढ़ने के साथ ही शाहदाब ने अपने तेवर और कड़े कर लिए. उन्होंने इंग्लैंड के स्पिनर लियाम डॉसन को निशाना बनाते हुए शानदार चौके और एक गगनचुंबी छक्का जड़ा. इसके बाद जेमी ओवरटन और सैम करन की गेंदों पर भी उन्होंने अपने बल्ले की ताकत दिखाई. शादाब ने हेनरी क्रोकोम की गेंद पर छक्का जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया.
डीआरएस का बड़ा ड्रामा और पहला अंतरराष्ट्रीय शतक
अर्धशतक पूरा करने के बाद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी की गति को और तेज कर दिया. एक तरफ पाकिस्तान के विकेट लगातार गिर रहे थेशाहीन अफरीदी और रजाउल्लाह भी पवेलियन लौट गए, जिससे पाकिस्तान का स्कोर 154 रनों पर 9 विकेट हो गया. अब क्रीज पर शादाब का साथ देने के लिए आखिरी बल्लेबाज के रूप में हारिस रऊफ मौजूद थे.
जीत का ऐतिहासिक पल
मैच का सबसे बड़ा ड्रामा तब देखने को मिला जब शाहदाब 97 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे. गस एटकिंसन की एक गेंद पर अंपायर ने उन्हें एलबीडब्ल्यू (LBW) आउट करार दे दिया. इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया और मैच खत्म मानकर एक-दूसरे से हाथ भी मिलाने लगे. लेकिन शादाब ने तुरंत DRS का सहारा लिया. रीप्ले में साफ नजर आया कि गेंद पैड पर लगने से पहले बल्ले का अंदरूनी किनारा ले चुकी थी. थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर का फैसला पलट दिया. इस जीवनदान के बाद शादाब ने कोई गलती नहीं की. उन्होंने दो गेंदों के बाद ही एटकिंसन को लगातार दो चौके और एक छक्का जड़कर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय वनडे शतक पूरा किया. शादाब के इस तूफानी शतक की बदौलत पाकिस्तान को जीत के लिए आखिरी 18 गेंदों में सिर्फ 3 रनों की दरकार रह गई थी.
48वें ओवर में गेंदबाजी करने आए हेनरी क्रोकोम की गेंद पर हारिस रऊफ ने चौका जड़कर पाकिस्तान को 1 विकेट से ऐतिहासिक और अविश्वसनीय जीत दिला दी. शादाब खान की यह पारी केवल रिकॉर्ड्स की वजह से नहीं, बल्कि विषम परिस्थितियों में दिखाए गए अदम्य साहस, संयम और मैच जिताऊ जज्बे के लिए क्रिकेट इतिहास में लंबे समय तक याद रखी जाएगी.
